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सांसद व अभिनेत्री नुसरत जहां का भाजपा पर हमला, बोलीं- असफल टीम की असफल रणनीति

Mon, 25 Jan 2021 02:46 PM IST
प्राची प्रियम एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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नुसरत जहां - फोटो : ANI
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नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर कोलकाता में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा सख्ती से किए गए बाहिष्कार को लेकर त्रिणमूल सांसद और अभिनेत्री नुसरत जहां ने भाजपा पर निशाना साधा है। नुसरत ने ट्विट किया कि दीदी द्वारा दिखाए गए साहस से भारतीय जनता पार्टी जिस प्रकार भयभीत है, उससे सबकुछ स्पष्ट है।
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उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ममता दीदी से लड़ने के लिए पैसे लेकर ट्रोल करने वाली पूरी सेना को उतारना पड़ा। पूरा देश दीदी के साथ खड़ा है। बंगाल दीदी के साथ खड़ा है।

इसके साथ ही नुसरत ने अमित मालवीय को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने लिखा कि मिस्टर अमित मालवीय ट्विटर पर बिल्कुल बेकाबू हो गए हैं। वो अपने पेड कार्यकर्ताओं द्वारा पहुंचाए गए नुकसान की भरपाई के लिए रास्ते खोज रहे हैं। 
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इसके आगे नुसरत ने तंज कसते हुए लिखा कि क्या यह एक बार फिर से असफल टीम की असफल रणनीति है? बता दें कि यह पूरा विवाद नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125 वीं जयंती के मौके पर शनिवार को कोलकाता के विक्टोरिया मेमोरियल में आयोजित कार्यक्रम में लगे 'जय श्रीराम' के नारे को लेकर शुरू हुआ है।

नेताजी की जयंती पर विक्टोरिया मेमोरियल में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खासतौर से शिरकत करने पहुंचे थे। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी लंबे अरसे बाद पीएम के साथ किसी कार्यक्रम में मंचासीन थीं। कार्यक्रम की शुरुआत के बाद जैसे ही ममता बनर्जी को भाषण देने के लिए आमंत्रित किया गया तो श्रोताओं में मौजूद कुछ लोग अचानक जय श्रीराम के नारे लगाने लगे।
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नारेबाजी से चिढ़कर ममता बनर्जी ने भाषण देने से इनकार कर दिया था। उन्होंने अपने भाषण में सिर्फ इतना कहा था कि- आपने कोलकाता में प्रोग्राम किया इसके लिए आभारी हूं, यह एक सरकारी कार्यक्रम है, कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं। एक गरिमा होनी चाहिए। किसी को लोगों को आमंत्रित करके अपमानित करना शोभा नहीं देता। यदि आप किसी को किसी सरकारी कार्यक्रम में आमंत्रित करते हैं, तो आपको उसका अपमान नहीं करना चाहिए। मैं नहीं बोलूंगी। जय बंगला, जय हिंद।

इस वाकये के बाद नुसरत जहां भी खफा नजर आ रही थीं। उन्होंने ट्वीट किया था कि राम का नाम गले लगाके बोलें, ना कि गला दबाके। मैं स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती समारोह में राजनीतिक और धार्मिक नारेबाजी की कड़ी निंदा करती हूं। 

नुसरत जहां ने लिखा कि यह सरकारी कार्यक्रम था। नेताजी ऐसे नेता थे, जिन्होंने बंगाल को उत्पीड़न के खिलाफ लड़ना सिखाया था। स्वतंत्रता आंदोलन में उनका योगदान हर भारतीय के मन में रहेगा! देश नायक दिवस पर, बंगाल महान नेताजी को नमन करता है।
 
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