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मां के निधन के बाद टिस्का चोपड़ा ने लिखा भावुक नोट, विरासत में मिली खास चीज; मुश्किल वक्त के लिए था ये फलसफा

Wed, 11 Mar 2026 09:42 PM IST
Sarijuddin एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Tisca Chopra: टिस्का चोपड़ा के यहां इन दिनों मातम पसरा है। उनकी मां का निधन हो गया है। वह कैंसर से पीड़ित थीं। मां के निधन ने बाद टिस्का ने उन्हें याद किया है।
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टिस्का चोपड़ा - फोटो : इंस्टाग्राम@tiscaofficial
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विस्तार
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अभिनेत्री टिस्का चोपड़ा की मां, पम्मी अरोड़ा का 7 मार्च को निधन हो गया। वह कैंसर से पीड़ित थीं। बुधवार को, टिस्का ने अपनी मां को याद करते हुए एक भावुक नोट लिखा। उन्होंने उनके साथ कई तस्वीरें भी शेयर की हैं। अभिनेत्री ने अपनी मां को अलविदा कहा है।

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मां के पास था फलसफा
इंस्टाग्राम पर पोस्ट में टिस्का चोपड़ा ने लिखा '7 मार्च को, हमने अपनी मां, पम्मी अरोड़ा को अलविदा कहा। जो लोग उन्हें जानते थे, वे उनसे प्यार करते थे। इसकी वजह बहुत सरल थी, उनका स्वभाव बहुत ही हल्का-फुल्का था। उनकी संगति में गंभीरता की कोई गुंजाइश नहीं होती थी। अगर कोई समस्या आती थी, तो उनके पास दो शब्दों का एक फलसफा तैयार रहता था: 'मिट्टी पाओ।' यानी उस पर मिट्टी डालो। आगे बढ़ो।'
 

मजाक मस्ती करती थीं पम्मी
उन्होंने आगे लिखा 'मां की मुस्कान बादलों के बीच से झांकते चांद जैसी थी। उनके मन में कोई भी बात ज्यादा देर तक नहीं टिकती थी। वह हमेशा किसी पर राय देने के बजाय मजाक-मस्ती को ज्यादा अहमियत देती थीं। सब चीजों से ऊपर वे दयालुता को रखती थीं।'

टिस्का चोपड़ा की मां - फोटो : इंस्टाग्राम@tiscaofficial
पम्मी ने दी खास चीज
उन्होंने आगे लिखा 'उनसे मैंने जिंदगी का एक सबसे उपयोगी सबक सीखा, जो मुझे किसी और ने कभी नहीं सिखाया: तुम्हारे पास पहले से ही अपनी जेब में एक 'ना' मौजूद है। अब बाहर जाओ और एक 'हां' हासिल करो। यह पम्मी अरोड़ा का अपना ही अंदाज था। उन्होंने मुझे एक और चीज दी जिसने मेरी पूरी जिंदगी को आकार दिया। वह था कलात्मक जीन। अभिनय करने की, कहानियां सुनाने की और नीरस दिनचर्या के बजाय रंगों और भावनाओं की ओर झुकने की सहज प्रवृत्ति।'
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टिस्का चोपड़ा का वर्कफ्रंट
टिस्का चोपड़ा एक बहुमुखी भारतीय अभिनेत्री, लेखिका और निर्देशक हैं। उन्होंने फिल्म 'तारे जमीन पर' (2007) में माया अवस्थी के रूप में शानदार प्रदर्शन से पहचान बनाई। इसके लिए उन्हें फिल्मफेयर नामांकन मिला। वे 'चटनी' और 'रुबरू' जैसी लघु फिल्मों का निर्माण कर चुकी हैं। 

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