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Satluj Controversy: दिलजीत दोसांझ की ‘सतलुज’ पर सरकार का नया कदम, कंटेंट की होगी जांच; क्या है पूरा मामला?

Tue, 07 Jul 2026 01:02 PM IST
पूनम कंडारी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Movie Satluj Controversy: दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ को ओटीटी से हटाए जाने के बाद सरकार ने इसे लेकर एक नया कदम उठाया है। फिल्म के कंटेंट की जांच के लिए एक हाई लेवल कमेटी बनाई गई है। जानिए, क्या है ये पूरा मामला
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फिल्म 'सतलुज' में दिलजीत दोसांझ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' के कंटेंट की जांच के लिए एक हाई-लेवल इंटर-डिपार्टमेंटल कमेटी बनाई है। यह फिल्म पंजाब के एक मानवाधिकार कार्यकर्ता के लापता होने की घटना से प्रेरित है। यह कमेटी सोमवार को बनाई गई। जानिए क्या है फिल्म 'सतलुज' से जुड़ा पूरा विवाद? 

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फिल्म 'सतलुज' को लेकर क्यों हुआ विवाद?
दिलजीत दोसांझ ने 'पंजाब95' नाम से एक फिल्म की थी, जो सेंसर बोर्ड के पास तीन साल तक अटकी रही। फिर 'सतलुज' नाम से शुक्रवार को ओटीटी पर रिलीज हुई। लेकिन दो दिन बाद इसे ओटीटी प्लेफॉर्म से हटा दिया गया। हनी त्रेहान की निर्देशित फिल्म ‘सतलुज’ पंजाब के एक्टिविस्ट जसवंत सिंह खालरा के जीवन पर आधारित है।
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बता दें कि जसवंत सिंह ने 1984 से 1994 के बीच पंजाब में हजारों अज्ञात शवों के अंतिम संस्कार की जांच की थी। 1995 में उनका अपहरण कर लिया गया था और उसके बाद वे कभी नहीं दिखे। फिल्म में दिलजीत दोसांझ ने जसवंत सिंह खालरा का किरदार निभाया है।सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाने को कहा। अब इसके कंटेंट की जांच की जाएगी।  

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दिलजीत दोसांझ - फोटो : इंस्टाग्राम@diljitdosanjh

क्यों फिल्म को ओटीटी से हटाया गया?

सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने कहा कि फिल्म को जरूरी सर्टिफिकेशन प्रोसेस पूरा किए बिना ही ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया गया था। जी5 ने भी पुष्टि की है कि फिल्म अगले आदेश तक भारत में उपलब्ध नहीं रहेगी। सूचना और प्रसारण मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक फिल्म के पास थिएटर में रिलीज के लिए जरूरी सर्टिफिकेशन नहीं था। एएनआई के मुताबिक अधिकारी ने कहा, ‘फिल्म 'सतलुज' के मेकर्स ने 2022 में इसके ओरिजिनल टाइटल 'पंजाब 95' के तहत सेंसर सर्टिफिकेशन के लिए अप्लाई किया था, लेकिन उन्होंने सेंसर बोर्ड द्वारा सुझाए गए 127 कट्स को स्वीकार नहीं किया और फिल्म की रिलीज रोक दी।
अधिकारी ने कहा, ‘फिल्ममेकर्स सुझाए गए कट्स पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे थे और आखिरकार उन्होंने नए टाइटल के साथ ओटीटी पर चुपचाप फिल्म रिलीज कर दी। ओटीटी सेंसर बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। जब यह मामला सरकार के संज्ञान में आया, तो जी प्लेटफॉर्म से इसे हटाने के लिए कहा गया। 


दिलजीत और निर्देशक ने फिल्म हटाए जाने पर क्या कहा? 
जब फिल्म को ओटीटी से हटाया गया तो दिलजीत काफी दुखी हुए। लेकिन उन्होंने लोगों से कहा कि जहां पर भी फिल्म देखने को मिले, वह देखें। वहीं ओटीटी प्लेटफाॅर्म जी5 ने दर्शकों से पायरेसी का समर्थन न करने की बात कही है। इसके अलावा डायरेक्टर हनी त्रेहान ने भी पोस्ट साझा करते हुए लिखा, 'भगवान की मर्जी मीठी लगती है।' वह फिल्म को लेकर उम्मीद भरे हैं।' 
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