क्यों फिल्म को ओटीटी से हटाया गया?
सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने कहा कि फिल्म को जरूरी सर्टिफिकेशन प्रोसेस पूरा किए बिना ही ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया गया था। जी5 ने भी पुष्टि की है कि फिल्म अगले आदेश तक भारत में उपलब्ध नहीं रहेगी। सूचना और प्रसारण मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक फिल्म के पास थिएटर में रिलीज के लिए जरूरी सर्टिफिकेशन नहीं था। एएनआई के मुताबिक अधिकारी ने कहा, ‘फिल्म 'सतलुज' के मेकर्स ने 2022 में इसके ओरिजिनल टाइटल 'पंजाब 95' के तहत सेंसर सर्टिफिकेशन के लिए अप्लाई किया था, लेकिन उन्होंने सेंसर बोर्ड द्वारा सुझाए गए 127 कट्स को स्वीकार नहीं किया और फिल्म की रिलीज रोक दी।
अधिकारी ने कहा, ‘फिल्ममेकर्स सुझाए गए कट्स पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे थे और आखिरकार उन्होंने नए टाइटल के साथ ओटीटी पर चुपचाप फिल्म रिलीज कर दी। ओटीटी सेंसर बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। जब यह मामला सरकार के संज्ञान में आया, तो जी प्लेटफॉर्म से इसे हटाने के लिए कहा गया।
दिलजीत और निर्देशक ने फिल्म हटाए जाने पर क्या कहा?
जब फिल्म को ओटीटी से हटाया गया तो दिलजीत काफी दुखी हुए। लेकिन उन्होंने लोगों से कहा कि जहां पर भी फिल्म देखने को मिले, वह देखें। वहीं ओटीटी प्लेटफाॅर्म जी5 ने दर्शकों से पायरेसी का समर्थन न करने की बात कही है। इसके अलावा डायरेक्टर हनी त्रेहान ने भी पोस्ट साझा करते हुए लिखा, 'भगवान की मर्जी मीठी लगती है।' वह फिल्म को लेकर उम्मीद भरे हैं।'