29 दिसंबर 1942 को अमृतसर में जन्मे जतिन खन्ना फिल्मी दुनिया में राजेश खन्ना के नाम से मशहूर हुए। उन्होंने वर्ष 1966 में 24 बरस की उम्र में ‘आखिरी खत’ फिल्म से सिनेमा जगत में कदम रखा था।
फिल्म ‘आराधना’ ने बॉलीवुड को सबसे पहला सुपरस्टार यानी राजेश खन्ना दिया। आराधना फिल्म का गाना ‘मेरे सपनों की रानी कब आएगी तू...’ राजेश खन्ना के करियर के सबसे यादगार गानों में से एक बन गया। शक्ति सामंत के निर्देशन में बनी इस फिल्म में राजेश खन्ना बड़े पर्दे पहली बार दोहरी भूमिका में नजर आए।
1969 में आई फिल्म 'आराधना' ने राजेश खन्ना की तकदीर के दरवाजे खोल दिए और उसके बाद उन्होंने अगले चार साल के दौरान लगातार 15 हिट फिल्में दीं। जो आगे चलकर मील का पत्थर साबित हुईं।
1971 राजेश खन्ना के कैरियर का सबसे यादगार साल
1971 राजेश खन्ना के कैरियर का सबसे यादगार साल रहा। उस वर्ष उन्होंने ‘कटी पतंग’, ‘आनन्द’, ‘आन मिलो सजना’, ‘महबूब की मेहंदी’, ‘हाथी मेरे साथी’ और ‘अंदाज’ जैसी सुपरहिट फिल्में दिए। बाद में ‘राज’, ‘बहारों के सपने’ और ‘औरत’ के रूप में उनकी कई फिल्में आई। बाद में उन्होंने राजनीति में भी कदम रखा और वर्ष 1991 से 1996 के बीच नई दिल्ली से कांग्रेस के लोकसभा सांसद भी रहे।
किशोर कुमार के अनेक गाने राजेश खन्ना पर ही फिल्माए गए और किशोर के स्वर राजेश खन्ना से पहचाने जाने लगे। वर्ष 1970 में बनी फिल्म ‘सच्चा झूठा’ के लिए उन्हें पहली बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का फिल्मफेयर अवार्ड दिया गया।
वर्ष 1994 में उन्होंने अभिनय की नई पारी शुरू की। उसके बाद उनकी आ अब लौट चलें (1999), क्या दिल ने कहा (2002), जाना (2006) और वफा (2008) में उन्होंने अभिनय किया। वहीं 18 जुलाई 2012 को राजेश खन्ना ने मुंबई में अंतिम सांस ली थी।
जब डिम्पल आईं राजेश खन्ना की जिंदगी में
राजेश खन्ना ने वर्ष 1973 में खुद से उम्र में काफी छोटी भिनेत्री डिम्पल कपाडिया से विवाह कर लिया। हालांकि राजेश और डिम्पल का वैवाहिक जीवन ज्यादा दिनों तक नहीं चल सका और कुछ समय के बाद वे अलग हो गए।
उनकी दो बेटियां टि्वंकल खन्ना और रिंकी ने भी फिल्मों में काम किया। फिलहाल ट्विंकल ने फिल्म स्टार अक्षय कुमार से शादी करने के बाद फिल्मों से दूर हैं। राजेश खन्ना की बेटी ट्विंकल खन्ना का भी आज जन्मदिन है।