फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shreya Lenka: देश की पहली के-पॉप स्टार बनीं ओडिशा की श्रेया लेंका, ऑडिशन देने के लिए ऑनलाइन सीखी थी कोरियन

Sat, 28 May 2022 03:40 PM IST
मेघा चौधरी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

ओडिशा की रहने वाली श्रेया लेंका भारत से पहली के-पॉप स्टार बन गई हैं। श्रेया का ब्लैकस्वॉन बैंड के लिए चयन यूट्यूब पर ऑडिशन देकर हुआ है। श्रेया ने कई सारे के-ड्रामा देखकर और ऑनलाइन ही कोरियन भाषा सीखी थी।
विज्ञापन
श्रिया लेंका - फोटो : Instagram
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

के-पॉप यानी कोरियाई पॉप को लेकर लोगों में एक अलग तरह का क्रेज देखने को मिलता है। अब भारत की ओडिशा की रहने वाली 18 साल की श्रिया लेंका भी के-पॉप बैंड का हिस्सा बन गई हैं। श्रिया ने के-पॉप बैंड ब्लैकस्वॉन में अपनी जगह पक्की कर ली है और ऐसा करने वाली वह पहली भारतीय बन गई हैं।

विज्ञापन
Trending Videos

कैसे हुआ श्रेया का चयन
पिछले साल दिसंबर में राउकेला शहर की श्रेया को कोरियाई पॉप बैंड ब्लैकस्वॉन का मेंबर बनने के लिए आखिरी फेज के लिए चुना गया था। इसके तहत उनकी सियोल में ट्रेनिंग हुई। इस ग्रुप के एक सदस्य ने नवंबर 2020 में ग्रुप को छोड़ दिया था। इसके बाद डीआर म्यूजिक ने पिछले साल मई में ग्लोबल अनाउंसमेंट की थी। इसके बाद श्रेया का यूट्यूब ऑडिशन प्रोग्राम के बाद चयन हुआ। श्रेया बैंड में यंगहुन, फतौ, जूडी और लीया के साथ शामिल हुई हैं। वहीं, छठे सदस्य के रूप में ब्राजील की गैब्रिला डालिस्न (गैबी) भी हैं।

2011 में हुई थी बैंड की शुरुआत
डीआर म्यूजिक कंपनी की ओर से इंस्टाग्राम पर श्रिया और ग्रैबिला की फोटो शेयर कर इसकी जानकारी दी गई है। अब दोनों कुछ महीनों तक प्रैक्टिस के लिए सियोल में ही रहेंगी। इसके बाद एक ग्रुप एल्बम बनाया जाएगा। ब्लैकस्वॉन बैंड की शुरुआत 2011 में हुई थी। इस गर्ल गैंग में चार मेंबर थे। वहीं, अब श्रेया और गैब्रिला भी इस बैंड में शामिल हो गई हैं।
 
विज्ञापन

कैसे की थी तैयारी
श्रेया ने 12 साल की उम्र से ही ओडिशा क्लासिकल डांस के साथ फ्रीस्टाइल, हिप हॉप करना शुरू कर दिया था। 2020 में जब लॉकडाउन लगा तो उनका भी ध्यान के-पॉप और के-ड्रामा पर गया। श्रेया ने घर की छत पर डांस प्रैक्टिस करनी शुरू कर दी। जब ऑडिशन देने की शुरुआत की तो ऑनलाइन ही कोरियन भाषा सीखनी शुरू कर दी और कई सारे के-ड्रामा भी देखे। जब उनके परिवार वालों को ऑडिशन का पता चला, तो उनकी दादी ने एक शास्त्रीय संगीत शिक्षक से उन्हें सीखने के लिए भेजा, जिससे उन्हें काफी मदद मिली।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें