amrita rao
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तो क्या सोशल मीडिया के आने से अमृता जैसे कलाकारों का भी हौसला बढ़ा है, इस बारे में खुलकर अपनी राय रखने का? इस सवाल के जवाब में अमृता ने बेबाकी से अपनी राय रखी, ‘हां, जिन मुद्दों पर हमें पहले परेशानी होती थी और हम चुप रहते थे, सोशल मीडिया के आने से अपनी बात अपने चाहने वालों तक पहुंचाना आसान हो गया है। नेपोटिज्म (वंशवाद) का तो मुझे खुद बहुत कड़वा अनुभव है।'