सुभाष घई का पोस्ट
बॉलीवुड के निर्माता और निर्देशक सुभाष घई, ओशो को अपना गुरु मानते हैं। उन्होंने आज अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर ओशो की एक खास तस्वीर शेयर की और सभी को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कैप्शन में लिखा, 'मेरे अभिन्न मित्र और मेरे गुरु ओशो, जो पिछले 40 वर्षों से मुझे जीवन के हर तरह के दर्शन - लोगों, ऊर्जाओं और सत्य के पीछे छिपे सत्य - से हर रोज मनोरंजन करते हैं।' आगे सुभाष ने लिखा कि ओशो कहते हैं, '"मेरी बात सुनो, पर मेरा अनुसरण मत करो। बस स्वयं साक्षी बनो।'
अल्लू अर्जुन का पोस्ट
साउथ एक्टर अल्लू अर्जुन ने आज अपने शिक्षकों को याद करते हुए एक्स अकाउंट पर एक ब्लैक एंड व्हाइट स्केच फोटो शेयर की और कैप्शन में लिखा, 'माता, पिता, गुरु, दैवम् एक कारण के लिए... इस दुनिया को एक बेहतर जगह बनाने वाले सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं।'
प्रिया दत्त का पोस्ट
संजय दत्त की बहन प्रिया दत्त ने अपने दिवंगत पिता सुनील दत्त की एक खास तस्वीर शेयर इंस्टाग्राम पर शेयर की और कैप्शन में लिखा, 'मेरा मानना है कि जीवन सबसे महान शिक्षक है और वह जो सबक सिखाती है, वह अनुभवों, चुनौतियों और हमें आकार देने वाले लोगों से मिलता है। यहां तीन सबक दिए गए हैं जिन्होंने मुझे आकार दिया -मेरे माता-पिता, मेरे पहले शिक्षक- जिन्होंने मेरे जीवन की नींव रखी और मुझे उन मूल्यों के माध्यम से आकार दिया जो उन्होंने मुझे दिए। करुणा और सहानुभूति के उनके मूल्य मेरे काम में झलकते हैं। नरगिस दत्त फाउंडेशन जहां हम जीवन को बेहतर बनाने और समुदायों को सशक्त बनाने का प्रयास करते हैं। मेरी राजनीतिक यात्रा भी मेरे सबसे बड़े शिक्षक, मेरे पिता के मूल्यों पर आधारित है। उनसे मैंने सीखा कि राजनीतिक मंच का उपयोग कैसे सेवा करने, हर आवाज को सुनने और समझने के लिए किया जाए। आज, मैं न केवल अपने शिक्षकों का, बल्कि उन सीखों का भी जश्न मनाती हूं, जो हमें बेहतर इंसान बनाती हैं। आइए सीखते रहें, आगे बढ़ते रहें।'
नंदिता दास
बॉलीवुड एकट्रेस नंदिता दास ने आज इंस्टाग्राम पर शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए एक खास तस्वीर शेयर की है। यह तस्वीर नंदिता की आंटी कुसुम की है। इस तस्वीर के साथ नंदिता ने कैप्शन में लिखा, 'हम सभी जानते हैं कि हमारे शिक्षकों का हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा है। शुरुआती स्कूली जीवन में ही हमारे मन में उन विषयों के बीज बो दिए गए थे, जो हमें पसंद थे (या नहीं), और हम आज जो इंसान बन गए हैं (या नहीं)। मैं यह शिक्षक दिवस अपनी प्यारी कुसुम आंटी को समर्पित करना चाहता हूं। दिल्ली के सरदार पटेल विद्यालय में, जहां मैंने अपनी पूरी स्कूली शिक्षा प्राप्त की, नर्सरी और प्राइमरी कक्षाओं में वे हम सभी के लिए एक मां और एक दोस्त रहीं। उनकी हंसी, उनकी कहानियां और हमारे साथ सख्ती बरतने की उनकी नाकाम कोशिश, मेरे जेहन में बिल्कुल साफ है। मैं उनसे कुछ महीने पहले मिली थी और मानो समय ही न बीता हो। उनका स्नेह, गर्मजोशी, उनका उत्साह, उनकी मुस्कान... सब कुछ एक जैसा था। विहान अपनी मां की शिक्षिका से मिलकर बहुत खुश और भावुक हुआ। हमने साथ में एक यादगार दोपहर बिताई। उनकी मुस्कान इस बात की गवाही देती है।'