पिछले शुक्रवार रिलीज हुई आमिर खान की फिल्म 'तलाश' अब तक 60 करोड़ का करोबार कर चुकी है। फिल्म की लागत 40 करोड़ रूपए थी। फिल्म सफल हो चुकी है बावजूद इसके फिल्म के निर्माता और मुख्य अभिनेता आमिर खान का कहना है कि 'तलाश' एक प्रयोगधर्मी फिल्म है। ऐसी फिल्म बनाना एक रिस्क होता है।
'तलाश' ऐसी फिल्म है जिसे हर कोई पसंद नहीं कर सकता। किसी को फिल्म बहुत पसंद आ सकती है और कोई इसे खारिज कर सकता है। मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए आमिर ने कहा कि हम शुरुआत से ही जानते थे कि 'तलाश' यूनिवर्सल फिल्म नहीं है। ये समाज के हर तबके को पसंद नहीं आएगी। वही हुआ भी। हमें इसका कोई अफसोस नहीं है। फिल्मों में यह रिस्क लेने पड़ते हैं। हमें लगा कि इस विषय पर फिल्म बनानी चाहिए और हमने बनाई।
ज़ोया के साथ हुई थी ऐसी ही घटना
आमिर ने ये भी बताया कि फिल्म की कहानी इसकी सह लेखिका ज़ोया अख़्तर के साथ हुई सच्ची घटना पर आधारित है। उन्होंने कहा कि एक बार ज़ोया, अपने कुछ दोस्तों के साथ रात में मुंबई की हाज़ी अली रोड पर चली जा रही थीं। वहां उनकी गाड़ी से एक महिला टकरा गई।
वो महिला कोई कपड़े पहने हुए नहीं थी। बाद में जब वो सारे लोग उस महिला का हाल जानने के लिए गाड़ी से उतरे तो वहां दूर-दूर तक उस महिला का नामो-निशान नहीं था। इस घटना को जोया ने फिल्मी रूप देने का सोचा। जोया अख्तर के साथ मिलकर उन्होंने इस घटना को फिल्मी स्क्रिप्ट का रूप दिया। जो आपके सामने 'तलाश' के रूप में आई।