पद्मश्री से सम्मानित अभिनेत्री तब्बू का कहना है कि फिल्मों में आना उनकी जिन्दगी का सबसे बड़ा संयोग था क्योंकि फिल्मों में काम करना उन्हें नापसंद था और ना ही उनकी ऐसी कभी इच्छा थी।
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आजकल की अभिनेत्रियां जहां पूरी तैयारी के साथ फिल्मी दुनिया में कदम रखती हैं वहीं तब्बू ने बताया कि उन्होंने निर्देशक शेखर कपूर के दबाव में आकर फिल्मों में कदम रखा। और देखते-देखते उन्होंने इस इंडस्ट्री में अपने 30 साल गुजार दिए।
तब्बू कहती हैं, "मैं फिल्म नहीं करना चाहती थी पर शेखर अंकल ने बहुत दबाव डाला तो मैंने कर लिया। मुझे अभिनय अच्छा नहीं लगता था। अपने आप को बतौर अभिनेत्री कभी देखा नहीं था इसलिए मुश्किल था। मुझे लगा था एक फिल्म करूंगी और इंडस्ट्री से चली जाऊंगी।" जहां आज फिल्म इंडस्ट्री में अभिनेत्रियों के चुनौतीपूर्ण किरदारों की चर्चा है वहीं तब्बू का कहना है कि उन्होंने चुनौतीपूर्ण किरदार आज से 20-25 साल पहले ही कर लिए हैं।
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तब्बू ने माना की उस दौरान निर्माता अभिनेत्रियों के लिए चुनौतीपूर्ण विषयवाली फिल्मों पर पैसे लगाने से कतराते थे और ऐसी फिल्मों के निर्माण में झिझक थी, पर वो शुक्रगुजार हैं कि उन्हें ऐसे विषय और लोग मिले जिन्होंने आम फिल्मों से हटकर बनी फिल्मों में काम किया जो लैंडमार्क फिल्में साबित हुईं।
इन फिल्मों में 'अस्तित्व', 'चांदनी बार', 'मकबूल' और 'हू तू तू'। फिल्म अस्तित्व के बारे में तब्बू कहती हैं, "अस्तित्व फिल्म में मैं पहली बार मां का किरदार निभा रही थी, मुझे झिझक नहीं थी पर लोग जरूर चौंक गए थे। पर वो मेरी जिन्दगी की सबसे संतोषजनक फिल्म रही। उसके बाद ही लोगों ने मुझे भरोसेमंद अभिनेत्री के रूप में स्वीकारा"
तकरीबन 18 साल के अंतराल के बाद तब्बू अभिनेता मनोज बाजपेयी के साथ एक बार फिर फिल्म 'मिसिंग' में नजर आएंगी। इससे पहले फिल्म 'घात' और 'दिल पे मत ले यार' में उन्होंने साथ काम किया था। मुकुल अभयंकर द्वारा निर्देशित 'मिसिंग' फिल्म के निर्माता मनोज बाजपेयी हैं। ये फिल्म 6 अप्रैल को रिलीज़ होगी।
सोच समझ कर फिल्में चुनने वाली तब्बू अपने दोस्तों का चयन भी सोच विचार कर ही करती हैं। उनके दोस्तों की सूची में सबसे ऊपर है मनोज बाजपेयी का नाम। दोनों की दोस्ती 18 साल से भी अधिक की हो चुकी है।
मनोज बाजपेयी के साथ अपने रिश्ते के बारे में तब्बू कहती हैं, "मेरी जिन्दगी की सबसे बड़ी पूंजी मेरे रिश्ते हैं। वही मेरी सबसे बड़ी सफलता है। करियर रहे ना रहे मायने नहीं रखता पर रिश्तों का होना मेरे लिए बहुत मायने रखता है।"
तब्बू कहती हैं कि उन्हें अफसोस है कि उन्हें मनोज के साथ काम करने का ज्यादा मौका नहीं मिला। वह कहती हैं, "मैं उन्हें बहुत मानती हूं। मुझे जब कुछ समझ नहीं आता तब मनोज ही मुझे समझाते हैं। फिर वह चाहे फिल्में हो या फिर कोई और बात।" वह कहती हैं, "सबके लिए मैं तब्बू हूं, लेकिन मनोज के लिए मैं तपन हूं। वो मुझे इसी नाम से पुकारते हैं।"
मनोज बाजपेयी और तब्बू चाहते हैं कि वो दोनों एक साथ फिर एक बार नजर आएं, लेकिन संजीदा किरदारों में नहीं बल्कि हास्य किरदारों के रूप में। मनोज बाजपेयी का मानना है कि मैं और तब्बू बहुत अच्छी कॉमेडी फिल्म कर सकते हैं। वो कहते हैं, "मेरी दिली इच्छा है कि मैं तपन के साथ अंग्रेजी फिल्म 'द वॉर ऑफ द रोजेज' जैसी फिल्म करूं।
ये फिल्म पति-पत्नी के संबंधों पर आधारित है। एक पति अपनी पत्नी को मारना चाहता है- इसे हास्य अंदाज में पेश किया गया है जो अपने आप में कमाल की बात है। कुछ ऐसा ही मिले तो मैं बिना देर किए फिल्म करना चाहूंगा।"
तब्बू कहती हैं "जैसे फिल्म 'द वॉर ऑफ द रोजेज' में पति अपनी पत्नी को मारने पर उतारू है उसी तरह इनका सच अंदर से निकल रहा है क्योंकि मैं जिस तरह से इनको सताती हूं वह अपने आप में एक कॉमेडी है।" हाल में मनोज बाजपेयी फिल्म 'बागी 2' में नजर आए थे। फिल्म में उनके काम को काफी सराहा जा रहा है।