बचपन की यादें: भाई ईशान के साथ स्वरा भास्कर
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कोई ऐसा पल जब ईशान आपके साथ न होते हुए भी सबसे बड़ा सहारा बना?
ऐसे कई पल आए हैं, लेकिन एक बात मुझे आज भी बहुत याद है। एक समय था जब मम्मी-पापा मेरी शादी को लेकर काफी परेशान रहते थे। उन्हें लगता था कि अब तक शादी क्यों नहीं हुई और इसका दबाव मुझ पर भी आ रहा था। मैं सोच रही थी कि क्या मुझे अरेंज मैरिज करनी चाहिए, क्या यही सही रास्ता है। तभी एक दिन ईशान ने मम्मी-पापा और मुझे साथ बैठाया और खुलकर बात की। उसने मम्मी-पापा से कहा कि मैं एक काबिल और आत्मनिर्भर लड़की हूं, जिसने अपनी जिंदगी में बहुत कुछ हासिल किया है, फिर शादी इतनी जरूरी क्यों बन गई है। उसने मुझे भी टोकते हुए कहा कि अगर मुझे ट्विटर पर समझौता करने में दिक्कत होती है, तो शादी के समझौते कैसे झेलूंगी? उसकी बातों ने मुझसे वो मानसिक दबाव हटा दिया और मम्मी-पापा को भी राहत दी। मुझे लगा कि उस दिन उसका वो स्टैंड मेरे लिए बहुत मायने रखता था।
क्या प्रोफेशनल लाइफ में भी उसने आपकी मदद की है?
बिलकुल की है और वो मदद सिर्फ इमोशनल नहीं, बल्कि पूरी तरह प्रैक्टिकल भी रही है। कुछ साल पहले जब मेरे फाइनेंशियल हालात थोड़े कमजोर थे, मेरे अकाउंट्स बिखरे हुए थे। टैक्स, डॉक्यूमेंट्स, जीएसटी - कुछ समझ नहीं आ रहा था। तब ईशान ने सब कुछ संभाल लिया। उसने मेरे सारे पेपर्स सही किए, अकाउंट्स सेट किए और यहीं से उसने मेरा काम मैनेज करना शुरू किया। मुझे याद है, एक फिल्म के लिए उसने जो डील की, उसमें मेरी फीस पहले से तीन गुना बढ़ गई। तब मुझे लगा कि वो मेरे करियर को लेकर मुझसे भी ज्यादा गंभीर है। कई बार मैं किसी प्रोजेक्ट को लेकर ज्यादा उत्साहित नहीं होती, तब भी वो पूरी रिसर्च करता है और कहता है कि मैं उस रोल को बेहतर कर सकती थी। ईशान सिर्फ भाई नहीं, मेरा सबसे बड़ा आलोचक और सबसे मजबूत समर्थन भी है।