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सीबीआई ने लगाई एम्स की रिपोर्ट पर मुहर, जांच एजेंसी ने माना सुशांत सिंह राजपूत ने की थी आत्महत्या

Wed, 07 Oct 2020 10:35 AM IST
shrilata biswas एंटरनेटमेंट डेस्क, अमर उजाला
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सुशांत सिंह राजपूत - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
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सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने अपनी रिपोर्ट में आत्महत्या की बात कही। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने एम्स की रिपोर्ट पर मुहर लगाई है। सीबीआई ने कई बार क्राइम सीन को रीक्रिएट किया जिसके बाद वो इसी नतीजे पर पहुंची कि सुशांत की मौत आत्महत्या थी।

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सीबीआई ने इस केस में पूरी तरह सुनिश्चित होने के लिए एम्स से दोबारा जांच करवाई थी।बताया जा रहा है कि एम्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि सुशांत को जहर देने के कोई सबूत नहीं मिले हैं। साथ ही शव के अन्य हिस्सों पर चोट के कोई निशान नहीं थे। ऐसा कोई सबूत नहीं मिला कि कमरे के अंदर किसी ने जबरन प्रवेश किया। ना ही मृतक के शरीर पर हाथापाई या कोई अन्य निशान थे।
 
सीबीआई सूत्रों ने बताया कि सुशांत केस में करीब 24 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की गई। इनमें रिया चक्रवर्ती, शौविक चक्रवर्ती, रिया के माता पिता, सुशांत सिंह राजपूत के परिवार के सदस्य, उनके स्टाफ और हाउस मैनेजर, सुशांत के सीए, उनका इलाज कर रहे डॉक्टर और कुछ दोस्तों से पूछताछ हुई है। जांच एजेंसी ने सुशांत के पावना डैम रिजॉर्ट पर भी कई लोगों से पूछताछ की थी।
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एम्स के डॉक्टर ने क्या कहा था
एम्स फॉरेंसिक टीम के प्रमुख डॉक्टर सुधीर गुप्ता ने कहा था कि ‘हमने अपनी अंतिम रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाला है। यह फांसी लगाकर आत्महत्या का मामला है।' डॉ सुधीर गुप्ता ने साफ कर दिया कि सुशांत के गले में फांसी लगाने के अलावा शरीर पर कोई और निशान नहीं थे। उन्होंने बताया कि ‘फांसी लगाने के अलावा शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं थे। मृतक के शरीर और कपड़ों पर संघर्ष या हाथापाई के कोई निशान नहीं थे।‘ साथ ही डॉ सुधीर गुप्ता ने कहा कि मुंबई फॉरेंसिक टीम और एम्स टॉक्सोलॉजी लैब की रिपोर्ट में जहर की पुष्टि नहीं हुई है। गर्दन के निशान उनके फांसी पर लटकने की वजह से थे।
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