अगर आपको 21 साल पहले रिलीज हुई फिल्म ‘जोश’ याद हो तो आपको ये भी याद होगा कि इस फिल्म में पहले सलमान खान और ऐश्वर्या राय परदे पर भाई बहन का रोल करने वाले थे। सलमान के मना करने पर यही रोल शाहरुख खान ने किया। फिल्म के निर्देशक इसमें आमिर खान को भी लाना चाहते थे पर आमिर ने फिल्म में ऐश्वर्या राय के प्रेमी का रोल करने से मना कर दिया। ये सब बातें यहां इसलिए कि निर्देशक मंसूर खान की फिल्म ‘जोश’ की ये कहानी दरअसल 1961 की एक अंग्रेजी फिल्म ‘वेस्ट साइड स्टोरी’ से खुराक पाती है। और, ये फिल्म इसी नाम के जिस ब्रॉडवे म्यूजिकल पर बनी, उसी पर आधारित एक नई फिल्म बनाई है नामचीन निर्देशक स्टीवन स्पीलबर्ग ने।
आमतौर पर विज्ञान फंतासी और स्पेशल इफेक्ट्स से लबरेज फिल्में बनाने वाले स्पीलबर्ग ने इस बार मोहब्बत की एक ऐसी कहानी को परदे पर उतारा है, जिसका जादू अब तक कायम है। इस फिल्म के और स्पीलबर्ग की फिल्म मेकिंग के जादू के तिलिस्म को भारतीय दर्शकों के लिए सुलझाने की कोशिश चर्चित फिल्ममेकर शूजित सरकार ने की है। उन्होंने इसके लिए स्पीलबर्ग से एक खास डिजिटल मुलाकात भी की।
शूजित सरकार की हालिया रिलीज फिल्म ‘सरदार उधम’ को ऑस्कर तक पहुंचाने के लिए इसे रिलीज करने वाले ओटीटी प्राइम वीडियो ने खूब लंबा अभियान चलाया था लेकिन फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया को ये फिल्म ऑस्कर में देश की नुमाइंदगी करने वाली फिल्म नहीं लगी। हालांकि, शूजित ने इस इंटरव्यू में भारतीय दर्शकों की नुमाइंदगी करने की पूरी कोशिश की है। शुक्रवार को रिलीज होने जा रही फिल्म ‘वेस्ट साइड स्टोरी’ की रिलीज से पहले इसे बनाने वाली कंपनी ट्वेंटिएथ सेंचुरी फॉक्स इंडिया ने दोनों के बीच 11 मिनट की बातचीत का एक वीडियो जारी किया है।
फिल्म ‘वेस्ट साइड स्टोरी’ को लेकर चली इस बातचीत में शूजित ने भी वहीं सवाल स्पीलबर्ग से पूछा जो उनकी फिल्मों को फॉलो करते आ रहा हर दर्शक उनसे पूछना चाहेगा कि आखिर कैसे उन्होंने 50 साल सिनेमा में बिताने के बाद अब जाकर एक म्यूजिकल फिल्म निर्देशित करने का हौसला जुटाया? स्पीलबर्ग कहते हैं, इस कहानी को लेकर जो ब्रॉडवे शो 1957 में बना था, वह उसके गानों के साथ ही बड़े हुए। और ये इकलौती म्यूजिकल कहानी है जिसके अलावा किसी दूसरी म्यूजिकल स्टोरी के बारे में उन्होंने कभी सोचा तक नहीं।
सवाल इस कहानी पर 1961 में बनी फिल्म का भी उठा और ये भी कि क्या स्पीलबर्ग की अब रिलीज हो रही फिल्म को उसकी रीमेक समझा जाए? स्पीलबर्ग ने साफ किया कि उन्होंने कभी अपनी फिल्म को एक रीमेक की तौर पर देखा ही नहीं। बल्कि ये फिल्म एक तरह से ओरीजनल ब्रॉडवे शो की आज के समय के हिसाब से नई परिकल्पना है।
इस परिकल्पना के बारे में स्पीलबर्ग कहते भी हैं, ये ब्रॉडवे म्यूजिकल स्कूल, कॉलेज और दूसरे सामुदायिक मंचों पर इतनी बार खेला जा चुका है कि इसके बारे में सब जानते हैं। इस कहानी को तमाम कलाकारों, संगीतकारों और तकनीशियनों ने मुक्त हस्त से पेश किया है और हर बार की टीम इसकी कहानी के कुछ नये मायने ले ही आती है। मुझे नहीं लगता कि मैंने इस महान क्लासिक के साथ इसका 2021 का संस्करण बनाकर किसी तरह का अन्याय किया है।
स्पीलबर्ग और शूजित सरकार का वीडियो इंटरव्यू आप यहां देख सकते हैं: