Sooraj Barjatya Interview: फिल्ममेकर सूरज बड़जात्या एक बार फिर छोटे पर्दे पर वापसी कर रहे हैं। इस बार अपने नए शो ‘मनपसंद की शादी’ के साथ। अमर उजाला से हुई खास बातचीत में उन्होंने इस शो के अलावा सलमान खान और आयुष्मान खुराना के साथ बन रही फिल्मों पर भी बात की…
अपने नए शो ‘मनपसंद की शादी’ पर चर्चा करते हुए सूरज बड़जात्या कहते हैं, ‘काफी वक्त से मेरे दिमाग में एक सोच थी। एक ऐसी कहानी बनाना चाहता था, जिसमें आज के दौर बच्चों और शादी को लेकर उनका नजरिया पेश किया जाए। चैनल वाले मेरे पास एक साल की रिसर्च लेकर आए थे, जिसमें छोटे शहरों के लड़के-लड़कियों से पूछा गया था कि वे कैसी शादी चाहते हैं? वहीं से ‘मनपसंद की शादी’ का कॉन्सेप्ट बना।’ बड़जात्या ने आगे बताया, ‘आज के बच्चे कहते हैं- हम अपने लिए साथी खुद चुनेंगे, लेकिन भागकर शादी नहीं करना चाहते। लिस्ट बनाएंगे, परखेंगे, फिर पेरेंट्स से मिलवाएंगे और जिम्मेदारी भी निभाएंगे। यही सोच इस शो की नींव है।’
‘राखी आज भी मनती है, शादियों की अहमियत कायम है’
बड़जात्या मानते हैं कि समय के साथ परिवार का ढांचा बदला है, लेकिन उसकी अहमियत नहीं। उन्होंने कहा, ‘आज अगर मैं सोचूं कि 15-20 लोग एक ही घर में रहते हैं तो शायद कई लोगों के लिए यह बड़ी बात होगी। आज परिवार भले ही छोटे हो गए हैं, पर उनकी अपनी अहमियत है। राखी आज भी मनाई जाती है। शादियों की भी अपनी अहमियत होती है। बदला कुछ नहीं है।’
टीआरपी के लिए दिखावा नहीं, अच्छा कंटेंट चाहिए
टीवी पर टीआरपी को लेकर होने वाले दबाव के बारे में सूरज ने कहा, ‘टीआरपी का दबाव आपके काम का हिस्सा है, पर सिर्फ टीआरपी बढ़ाने के लिए नकली ड्रामा करना, लंबे समय तक नहीं चलता। कहानी अच्छे से पेश की जाए तो वह अपनी टीआरपी खुद लाती है।’