ये है पूरा चेक बाउंस मामला
चेक बाउंस मामला साल 2010 का है, जब राजपाल यादव ने ‘अता पता लापता’ नाम की फिल्म निर्देशित की थी। फिल्म बनाने के लिए राजपाल ने मुर्गली प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी से करोड़ों रुपए लिए थे। लेकिन राजपाल समय पर कर्जा वापस नहीं कर पाए। कंपनी ने राजपाल पर केस कर दिया और आरोप लगाया कि एक्टर के दिए हुए चेक बाउंस हो गए। इसके बाद मामला अदालत में पहुंचा, जहां मजिस्ट्रेट कोर्ट और सेशल कोर्ट से होते हुए हाई कोर्ट तक चला गया।
हाई कोर्ट ने 2024 में राजपाल की गिरफ्तारी पर सशर्त रोक लगाते हुए पैसे वापस करने की बात कही। पिछले साल दिसंबर में अभिनेता ने कहा कि वो किश्तों में पैसे चुकाएंगे, लेकिन जब वो ऐसा नहीं कर पाए, तो 2 फरवरी को दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें तिहाड़ जेल में सरेंडर करने का आदेश दिया। इसके बाद राजपाल ने 5 फरवरी को तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया। इसके बाद से वो जेल में हैं।