पद्मश्री राज बेगम की जिंदगी पर बनी है फिल्म
फिल्म की कहानी पद्मश्री से सम्मानित कश्मीरी गायिका राज बेगम पर बनी हैं, जिन्हें कश्मीर की 'मेलोडी क्वीन' के नाम से भी जाना गया। ट्रेलर में उनके उस संघर्ष की झलक है, जिन्होंने उन्हें लोकप्रिय गायिका बनाया। वह दौर ऐसा था कि कश्मीर में महिलाओं को गाने की इजाजत नहीं थी। मगर, तब राज बेगम ने परिवर्तित नाम के साथ यह सफर शुरू किया, विरोध झेला और फिर लगन और मेहनत के बूते सफलता के शिखर पर पहुंचीं।
'सॉन्ग्स ऑफ पैराडाइज' ट्रेलर
- फोटो : वीडियो ग्रैब
सोनी राजदान और सबा आजाद लीड रोल में
फिल्म में सोनी राजदान और सबा आजाद दोनों ने राज बेगम का रोल अदा करते हुए अलग-अलग समयकाल को दिखाया है। ट्रेलर की शुरुआत में एक शख्स नूर बेगम (सोनी राजदान) से उनकी कहानी पूछता है। वे कहती हैं, क्या करेंगे मेरी कहानी का? जवाब मिलता है, 'आपकी कहानी लोगों तक पहुंचाना बहुत जरूरी है'। अगले दृश्य में सबा आजाद की एंट्री होती है।
उस्ताद के साथ और विश्वास से मिली मंजिल
राज बेगम (सबा आजाद) गाना गाने में मगन हैं और मां की चिंता है जल्दी से बेटी का निकाह हो और बला टले! राज का जवाब होता है, 'खुदा ने औरतों को सिर्फ शादी करने के लिए जमीन पर नहीं भेजा है'। राज की आंखों में एक सपना है और इस सपने को पूरा करने का भरोसा उसे अपने उस्ताद से मिलता है, जो कहते हैं, 'अगर तुम मेहनत करने को तैयार हो, तो मैं तुम्हें सिखाने को तैयार हूं'। सहेलियां समझाती हैं, 'तूने आज तक देखा है कश्मीर में किसी लड़की को सिंगर बनते हुए'? राज कहती हैं, 'पर बन तो सकती है न'।
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मेहनत लगन से पूरा किया सपना
राज बेगम को हर जगह विरोध और रिजेक्शन झेलने पड़ते हैं। वह गाना गाती हैं तो अपना नाम तक अनाउंस नहीं करा पातीं और तब उन्हें नाम मिलता है, 'नूर बेगम'। परिवार में जब बेटी के सिंगर बनने की खबर लगती है तो हालात ऐसे बन जाते हैं कि खुद राज बेगम सोचती हूं, 'मैं कुछ गलत तो नहीं कर रही'? उस्ताद से जवाब मिलता है, 'अब कुछ नहीं करोगी तो गलत करोगी। अब यह आवाज कैद नहीं रह सकती'। इस तरह राज बेगम का सपना पूरा होता है और दुनिया को मिलती है एक सुरीली गायिका। इस फिल्म का निर्देशन दानिश रेन्जू ने किया है। यह फिल्म 29 अगस्त से प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम होगी।