बॉलीवुड अभिनेता मनोज बाजपेयी की गिनती बी-टाउन के दिग्गज कलाकारों में होती है। एक्टर लीग से हटकर अभिनय करने के लिए जाने जाते हैं। मनोज इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म 'सिर्फ एक बंदा काफी है' को लेकर काफी लाइमलाइट बटोर रहे हैं। एक मीडिया संस्थान को दिए गए इंटरव्यू के दौरान अभिनेता ने चौंका देने वाले खुलासे किए हैं।
मनोज बाजपेयी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
इन फिल्मों में नहीं मिले ज्यादा पैसे
इंटरव्यू के दौरान एक्टर की उन फिल्मों के बारे में बात हुई, जिनमें उन्हें उनकी बेहतरीन एक्टिंग के लिए सराहना और प्यार मिला, लेकिन आर्थिक रुप से उन्हें कोई फायदा नहीं हुआ। अभिनेता ने सत्या, शूल, कौन?, जुबैदा, अक्स, दिल पे मत ले यार, पिंजर और सड़क जैसी फिल्मों के बारे में बात करते हुआ कहा कि मैं इन परियोजनाओं का हिस्सा था। इन फिल्मों में मेरी एक्टिंग की काफी तारीफ हुई थी, लेकिन वे कम बजट की फिल्में थीं जो उन्हें सुपरस्टार नहीं बना सकीं।
मनोज बाजपेयी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
आठ साल बाद खरीदा था घर
एक्टर ने आगे खुलासा किया कि फिल्म सत्या में काम करने के सात-आठ साल बाद वो अपना घर खरीदने में सक्षम हो पाए थे। इससे पहले, जिन फिल्मों के लिए उन्हें फीस मिलती थी, उससे मनोज बस अपनी आर्थिक स्थिति ही ठीक कर पा रहे थे।
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मनोज बाजपेयी
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'सिर्फ एक बंदा काफी है' में आएंगे नजर
बता दें कि मनोज जल्द ही फिल्म 'सिर्फ एक बंदा काफी है' में नजर आने वाले हैं। इस फिल्म में उन्होंने वकील पीसी सोलंकी की भूमिका निभाई है। जिसने आसाराम बापू के खिलाफ यौन उत्पीड़न का केस जीता है। इस बीच उनकी यह फिल्म कानूनी पचड़े में फस गई है। क्योंकि आसाराम ने मेकर्स पर केस किया।
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