टीएमसी सांसद ने इस तरह के आयोजनों की निंदा करते हुए कहा, 'मैंने सुना है कि केके के शो के लिए 30-40 40 लाख रुपये खर्च किए गए थे। वह सारा पैसा कहां से आया? मुझे नहीं लगता ये हवा से आया होगा।' सांसद ने कहा कि अगर शुरू में किसी गुंडे या प्रमोटर के आगे सरेंडर कर देंगे तो जिंदगी की बाकी लड़ाई कैसे लड़ेंगे? बता दें कि टीएमसी के छात्र संघ द्वारा आयोजित गुरुदास कॉलेज उत्सव में केके के परफॉर्मेंस के बाद, 31 मई को एक होटल में उनका निधन हो गया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने उनके हृदय संबंधी समस्याएं सामने आई थीं।
रॉय के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए टीएमसी कमरहटी के विधायक मदन मित्रा ने कहा, 'सौगतदा एक वरिष्ठ नेता होने के नाते आत्म-खोज करते रहते हैं जिसकी वजह से वह आज कल इस तरह के बयान दे रहे हैं।' वहीं, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने आरोप लगाया कि टीएमसी के छात्र संगठन के जबरन वसूली की गतिविधियां के बारे में सभी को पता है। टीएमसीपी कॉलेज उत्सवों में धनबल का प्रदर्शन करती है। हर कोई जानता है कि यह अवैध तरीकों से भारी नकदी जमा करती है। यह अच्छा है कि सौगत रॉय जैसे वरिष्ठ टीएमसी सांसद इस मुद्दे पर बोल रहे हैं। लेकिन हम उनसे पूछना चाहते हैं कि वह अब तक क्यों इस मुद्दे पर चुप रहे।