आम धारणा है कि लाइफ टाइम अवार्ड जैसे पुरस्कार किसी ऐक्टर-डायरेक्टर को तब दिए जाते हैं जब उसे खत्म मान लिया जात है। इस साल आइफा में श्रीदेवी को आउटस्टैंडिंग अवार्ड दिया जाना था। परंतु श्रीदेवी अवार्ड लेने मैड्रिड नहीं पहुंची।
जानकारों का कहना है कि श्रीदेवी से पूछे बगैर आयोजकों ने यह फैसला किया था। श्रीदेवी ने पंद्रह साल बाद बॉलीवुड में फिल्म इंग्लिश विंग्लिश से जोरदार कमबैक किया था और इन दिनों एक और फिल्म में काम कर रही हैं।
52 वर्षीया श्रीदेवी ने हिंदी के साथ दक्षिण भारत के सिनेमा में भी अपने काम का लोहा मनवाया है और भारत के साथ विदेश में भी उनके प्रशंसकों की संख्या लाखों में हैं। श्रीदेवी के यह अवार्ड लेने से साफ हो गया है कि वह न खुद को रिटायर मान रही हैं और न ही बूढ़ी।