फिल्म की कहानी एक मां की अपनी जरूरत से ज्यादा तंदुरुस्त बेटी गन्नू को लेकर बनी चिंताओं से शुरू होती है। घर पर लड़की देखने वाले आने वाले हैं। गन्नू बिटिया है कि रात में किचन में छुपकर आइस्क्रीम निपटाने में लगी है। हो सकने वाले दामाद और समधिन के आगे मां गन्नू के सारे अवगुण भी गुण बताकर ही बखानती है। फिर होने वाले दूल्हा दुल्हन मिलते हैं और गन्नू छूटते ही लड़के को रिजेक्ट कर देती है। असल कहानी इसके बाद शुरू होती है। एकता कपूर की सीरीज 'गंदी बात' पसंद करने वाली गन्नू उसे देखने आए डूड को पसंद आ जाती है। और, ऐसा इसलिए क्योंकि हैंडसम हंक भी कभी हल्क था।
सीधे यूट्यूब पर रिलीज हुई करीब 19 मिनट की ये शॉर्ट फिल्म उन सभी लोगों के दिलों को छूने में कामयाब है जिन्होंने कभी न कभी किसी न किसी वजह से लाइफ में रिजेक्शन झेला है। रिजेक्शन दुनिया का अंत नहीं है, ये शुरूआत है खुद को बेहतर और मजबूत बनाने की। गन्नू की कहानी भी यही है। राजीव अपनी लिखी कहानियों पर लगातार अच्छा काम कर रहे हैं। नीना गुप्ता और संजय मिश्रा के साथ बनी उनकी फीचर फिल्म 'ग्वालियर' का इंतजार भी लोग कर ही रहे हैं। फिल्म 'फिट इंडिया' में उन्होंने फिर एक बार अपनी पकड़ पटकथा और निर्देशन दोनों पर साबित की है। राजीव को निर्माता सिमरत कौर के साथ साथ विजय आर्ट्स का भी अच्छा समर्थन मिला है और फिल्म की परफेक्ट कास्टिंग सोने पर सुहागा का काम करती है।
फिल्म 'फिट इंडिया' में गन्नू बनी अक्षया नायक और उनकी मां बनी प्रियंका बेदी दोनों ने कमाल का काम किया है। मां-बेटी का तनाव भरा आपसी प्रेम और एक दूसरे को आंखों- आंखों में समझते रहने की कोशिश करते रहना ही फिल्म का असली सूत्र है। आकाश तलवार का काम अच्छा है और ये फिल्म उनके उज्जवल भविष्य की बानगी भी देती है। मेनका हेमराजानी भी अपनी जगह ठीक हैं। सिनेमैटोग्राफी में भी सपन नरूला ने फिल्म को अच्छा सपोर्ट किया है। फिल्म का और एक प्लस प्वाइंट है इसका म्यूजिक। आस्था जगियासी के लिखे गीतों के बोल असर करते हैं और इसी तरंग के साथ फिल्म प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फिट इंडिया मिशन को भी आगे बढ़ाने में सफल होती दिखती है। अमर उजाला की तरफ से फिल्म को मिलेते हैं साढ़े तीन स्टार्स।
पढ़ें: सुशांत सिंह राजपूत का थ्रोबैक वीडियो वायरल, 'धोनी' फिल्म की रिलीज के बाद बहनों के साथ किया था सेलिब्रेशन