फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

40 साल बाद गब्बर से डरेंगे पाकिस्तानी भी!

विज्ञापन
विज्ञापन
40 साल बाद भी बॉलीवुड फिल्म शोले का जलवा बरकरार है। 1975 में रिलीज हुई रमेश सिप्पी की फिल्म 'शोले' अब पाकिस्तान में भी रिलीज होने जा रही है। फिल्म 23 मार्च को पाकिस्तान में सार्वजनिक छुट्टी के दिन रिलीज करने की योजना है।
विज्ञापन


पाकिस्तान के मनोरंजन जगत से जुड़े़ एक प्रमुख फिल्म प्रदर्शक और वितरक ने पहली बार भारतीय फिल्म 'शोले' को प्रदर्शित करने का फैसला किया है। इस फिल्म में अमिताभ बच्चन, धमेंद्र, हेमा मालिनी, संजीव कुमार और अमज़द खान ने मुख्य किरदार निभाई है।

पाकिस्तानी फिल्म शोले देखने को बेकरार

अमिताभ बच्चन और धर्मेन्द्र की फिल्म शोले भारतीय सिनेमा में एक बड़े बदलाव के लिए भी जानी जाती है। जिसने दशकों बाद भी नई पीढ़ी पर अपनी छाप छोड़ी है।

फिल्म के संवाद और अदाकारी के साथ-साथ इसके गाने भी काफी पॉपुलर हुए। मांडवीवल्ला इंटरटेनमेंट के मालिक नदीम मांडवीवल्ला ने बताया कि,'पाकिस्तानी सिनेमाघरों में यह फिल्म कभी प्रदर्शित नहीं हुई है। लिहाजा, मुझे लगता है कि पाक का हर नागरिक इस फिल्म को देखना चाहेगा।'
विज्ञापन

आज भी सबकी पसंद है 'शोले'

फिल्‍म्‍ा ‘शोले’ के निर्देशक रमेश सिप्पी हैं और इसके निर्माता उनके पिता जी पी सिप्पी हैं। इस फिल्म की कहानी डाकू गब्बर सिंह (अमजद खान) से ठाकुर (संजीव कुमार) के बदले के थीम के इर्द -गिर्द घूमती है। इसमें अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र जय और वीरू के किरदार में हैं।

डाकू गब्बर इस फिल्म में रिटायर पुलिस अधिकारी ठाकुर के बेटे की हत्या कर देता है। इसके बाद गब्बर हमला कर ठाकुर के दोनों हाथ बेकार कर देता। गब्बर से बदला लेने और उसे पकड़ लाने का जिम्मा ठाकुर छोटी- मोटी चोरी करने वाले जय और वीरू को सौंपते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें