निर्माता शशि कपूर की सबसे चर्चित फिल्मों में थी, 'उत्सव'। इस फिल्म से शेखर सुमन ने इंडस्ट्री में कदम रखा। भाई-भतीजावाद की बहस के इस दौर में जाने कैसे बिना जान-पहचान के शेखर सुमन को 'उत्सव' मिली। इससे शशि कपूर के व्यक्तित्व का भी पता चलता है। शशि कपूर और 'उत्सव' मिलने की कहानी शेखर सुमन ने बयां की अमर उजाला के पाठकों के लिए...
मैं 21 वर्ष की आयु में दिल्ली से मुंबई आया। आने से पहले दिल्ली में पुराने जमाने की एक्ट्रेस शम्मी आंटी की फिल्म 'पिघलता आसमान' में छोटा-सा रोल किया था। इसमें शशि कपूर, राखी, रति अग्निहोत्री थे। मैं दिल्ली में रैपेटरीज में काम करता था, छह सौ रुपये महीना पर। शूटिंग पर शम्मी आंटी से कहा था कि मुंबई आऊंगा, तो मिलूंगा। मदद करेंगी? उनका फोन नंबर ले लिया।
दो-तीन साल बाद पहुंचा, तो उनके घर बांद्रा में जाकर मिला। उन्होंने कहा क्या कर रहे हो? मैंने कहा कुछ नहीं। अगले दिन उन्होंने मुझे फिल्म के सेट पर बुलवाया। वहां शशि जी शूटिंग कर रहे थे। उनके अकेले के सीन थे। 'पिघलता आसमान' अब भी बन रही थी।
मिनटों में मिला ऑफर
शम्मी आंटी ने उनसे मिलवाया कि ये शेखर सुमन है। दिल्ली से आया है। शशि जी अकेले बोर हो रहे थे। उन्होंने बात शुरू कर दी, ‘क्या करते हो, कहां से हो?’ मैंने बताया एक्टिंग करता हूं, फिल्मों में काम करना चाहता हूं। बातों के बीच वह दो दफे शॉट देकर आए। तीसरी दफा आकर बैठे और बोले, ‘मैं फिल्म बना रहा हूं।’ मेरे रोंगटे खड़े हो गए। उन्होंने कहा, ‘उत्सव' उसमें रेखा हीरोइन है।
पहली बार अमिताभ बच्चन विलेन का रोल कर रहे हैं। शम्मी कपूर, ओम पुरी, पद्मिनी कोल्हापुरी, रति अग्निहोत्री, कमल हासन भी हैं। (बाद में कुछ कारणों से फिल्म की स्टार कास्ट बदल गई) दो वर्जन में बन रही है, हिंदी-अंग्रेजी।’ मैंने सोचा अब बचा क्या, छोटा-मोटा रोल होगा? वह बोले, ‘फिल्म में नायक की जगह खाली है... करोगे रोल?’ मैं हैरान रह गया। पता नहीं क्या-क्या बोलने लगा और अंत में कहा, आप मजाक कर रहे हैं? उन्होंने कहा, ‘क्या शशि कपूर मजाक करेगा? ये मेरी सबसे महंगी फिल्म है। एक से डेढ़ करोड़ की’