पिता ने समझा बेटे का हुनर
शेखर रवजियानी को बचपन से ही संगीत में दिलचस्पी रही। उनके पिता ने भी बेटे के इस शौक को समझा। पिता का साथ मिला तो शेखर को अवसर भी मिलते गए। शेखर के पिता ने उन्हें उस्ताद नियाज अहमद खान से संगीत की तालीम दिलाई। इसके बाद शेखर को रियलिटी शो सा रे गा मा पा में जाने का मौका मिला। उन्होंने बतौर प्रतिभागी इस शो में हिस्सा लिया। और यहीं से उनके करियर की भी शुरुआत हो गई। शेखर बेहद हुनरमंद हैं। लेकिन, जब वे विशाल ददलानी के साथ जुड़े तब उन्हें असली पहचान मिली। आज भी लोग विशाल शेखर को एक साथ देखना सुनना पसंद करते हैं। दोनों का नाम एक के बिना अधूरा-अधूरा सा लगता है।
वर्षों पुराना है दोनों का रिश्ता
ऐसा नहीं है कि शेखर और विशाल की मुलाकात इंडस्ट्री में आने के बाद हुई हो, बल्कि दोनों बचपन के दोस्त थे। इसी वजह से दोनों ने सहजता से एक-दूसरे के साथ काम किया। साल 1997 में शेखर को फिल्म 'प्यार में कभी भी' में गाने के लिए बुलाया गया था। रिकॉर्डिंग स्टूडियो पहुंचने के बाद पता चला कि विशाल को भी फिल्म में गाने के लिए बुलाया गया है। इसके बाद दोनों ने साथ में गाना गाया। यहीं से विशाल शेखर की जोड़ी हिट हो गई। तब से आज तक यह जोड़ी साथ है।
सगे भाइयों की तरह रहते हैं विशाल शेखर
ऐसा नहीं है कि शेखर और विशाल की मुलाकात इंडस्ट्री में आने के बाद हुई हो, बल्कि दोनों बचपन के दोस्त थे। इसी वजह से दोनों ने सहजता से एक-दूसरे के साथ काम किया। साल 1997 में शेखर को फिल्म 'प्यार में कभी भी' में गाने के लिए बुलाया गया था। रिकॉर्डिंग स्टूडियो पहुंचने के बाद पता चला कि विशाल को भी फिल्म में गाने के लिए बुलाया गया है। इसके बाद दोनों ने साथ में गाना गाया। यहीं से विशाल शेखर की जोड़ी हिट हो गई। तब से आज तक यह जोड़ी साथ है।
खूब हिट हैं इनके गाने
विशाल शेखर के बीच बहुत मजबूत रिश्ता है। दोनों गायक सगे भाइयों की तरह रहते हैं और अपने बीच गलतफहमियों की कोई गुंजाइश ही नहीं छोड़ते। इनकी जोड़ी ने कई हिट गाने दिए हैं। इनमें से 'एक अजनबी', 'डर्टी पिक्चर', 'बैंग-बैंग', 'गिप्पी', 'जिंदा', 'रा-वन', 'शादी के लड्डू', 'शब्द', 'स्लाम-नमस्ते', 'ओम शांति ओम', 'हैप्पी न्यू ईयर', 'टशन', 'तीसमारखां', 'हैट्रिक', 'कर्म', और 'नॉक आउट', जैसे गाने आज भी खूब हिट हैं।