एक इंटरव्यू के दौरान जब शरमन से पूछा गया कि माता-पिता को यौन शोषण के शिकार बच्चे को कैसे संभालना चाहिए? तो अभिनेता ने जवाब दिया कि इसका कोई मानक प्रारूप नहीं है। वास्तविक जीवन की स्थिति में मैं पेशेवर से सलाह लूंगा और निश्चित रूप से हर समय अपने बच्चे के पास रहूंगा। जब तक मुझे नहीं लगता कि मेरे बच्चे ने अपनी भावनाओं पर नियंत्रण पा लिया है तब तक मैं उसे अकेला नहीं छोड़ूंगा। मुझे लगता है कि ऐसी स्थितियों में आपको मदद करने के लिए, मार्गदर्शन करने के लिए, आघात से निपटने के लिए एक एक्सपर्ट की आवश्यकता होती है। क्योंकि यह माता-पिता के लिए भी आसान नहीं है और फिर माता-पिता को इस संदर्भ में मार्गदर्शन की जरूरत होती है। मनोचिकित्सकों या मनोवैज्ञानिकों जैसे एक्सपर्ट्स के पास इन मामलों का अनुभव होता है, जो काफी मददगार है।
वहीं, जब शरमन से शो की शूटिंग के दौरान यादगार पल के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि शो की पूरी शूटिंग मेरे लिए वाकई एक आनंददायक यात्रा रही है क्योंकि इसे बहुत खूबसूरती से लिखा गया है। पात्रों के किरदारों, स्थितियों, जटिलताओं को बहुत अच्छी तरह से उकेरा और गहराई से दर्शाया गया है। यह सब चित्रित करने में बहुत मजा आया। यह और भी मजेदार है जब आपके साथ मोना सिंह जैसी प्रतिभाशाली अभिनेत्री हो। वह आपमें से सर्वश्रेष्ठ को बाहर लाती हैं।