दिग्गज संगीतकार एआर रहमान इन दिनों अपने संगीत या गानों की वजह से नहीं बल्कि अपने बयानों के चलते चर्चाओं में हैं। इंडस्ट्री में बढ़ती सांप्रदायिकता और इसकी वजह से काम न मिलने की बात कहकर, एआर रहमान ने एक नए विवाद को जन्म दिया है। हालांकि, विवाद बढ़ने पर उन्होंने सफाई भी पेश की। लेकिन फिर भी ये मामला अभी तक गरमाया हुआ है। अब इस पूरे मुद्दे पर दिग्गज संगीतकार और गायक शंकर महादेवन ने भी प्रतिक्रिया दी है। जानिए शंकर महादेवन ने एआर रहमान का विरोध किया या समर्थन?
संगीत अपना भविष्य खुद तय करता है
एनडीटीवी के साथ बातचीत के दौरान शंकर महादेवन ने कहा कि इंडस्ट्री दो खेमों में बंटी हुई है। एक जो संगीत बना रहे हैं और दूसरे जो इन रचनाओं का भविष्य तय करते हैं। एआर रहमान से जुड़े विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए शंकर महादेवन ने कहा कि मैं हमेशा से यही कहता आया हूं, मैं इसे अलग नजरिए से देखता हूं। संगीत तैयार करने वाला एक व्यक्ति है। इस संगीत के भविष्य का निर्णय लेने वाला व्यक्ति बिल्कुल अलग समूह है। यह एक संगीतमय टीम है; यह एक गैर-संगीतमय टीम है। तो होता यह है कि आपके क्रिएशन का भविष्य एक ऐसे व्यक्ति के हाथों में होता है जिसे संगीत की जानकारी ही नहीं है। इसलिए यह अपना भविष्य खुद तय करता है।
यह खबर भी पढ़ेंः विवाद के बीच एआर रहमान की बेटियों ने किया पिता का समर्थन, अपमान और आलोचना को लेकर कही ये बात
रहमान के ये कहने पर छिड़ा था विवाद
विवाद तब हुआ शुरू हुआ था, जब एआर रहमान ने बीबीसी को दिए इंटरव्यू में कहा था कि इंडस्ट्री में इस वक्त सांप्रदायिकता बढ़ी हुई है। इसका असर उन्हें अपने काम मिलने के मौकों पर भी दिख रहा है। इसके अलावा रहमान ने ये भी कहा था कि ‘बीते आठ साल से मैं यह महसूस कर रहा हूं कि इंडस्ट्री में टैलेंट के दम पर काम नहीं मिलता। म्यूजिक इंडस्ट्री की कमान ऐसे हाथों में है जो न तो क्रिएटिव हैं और ना ही क्रिएटिविटी को समझते हैं। धर्म भी कम काम करने का एक कारण है।’ साथ ही उन्होंने विक्की कौशल की फिल्म ‘छावा’ को भी बांटने वाली फिल्म बताया था।