बॉलीवुड के किंग खान पहले मसाला फिल्मों से दूर भागते थे। 'करन-अर्जुन' जैसी फिल्म साइन करने में वह काफी हिचके थे। अगर शाहरुख यह फिल्म नहीं करते तो वह लोकप्रियता से भी दूर हो सकते थे। बाद में यह फिल्म उनके कैरियर में माइल स्टोन साबित हुई।
शाहरुख खान जब भी किसी फिल्म को चुनते हैं तो वे इन बातों का ख्याल रखते हैं कि फिल्म का किरदार कैसा है और वह पूरी स्क्रिप्ट समझने के बाद ही हां कहते थे।
शायद यही वजह थी कि उन्हें 'करन अर्जुन' की स्क्रिप्ट जब राकेश रोशन ने सुनाई थी तो उन्हें कुछ समझ ही नहीं आ रहा था कि करना क्या है।
वे बार-बार राकेश से कह रहे थे कि उन्हें नहीं लगता कि फिल्म हिट हो पायेगी। वे खुद कंफ्यूज थे। यहां तक कि उन्होंने राकेश रोशन से कह भी दिया था कि वह यह फिल्म नहीं कर पायेगे। लेकिन राकेश ने उन्हें समझा बुझा कर मना लिया।
शाहरुख शुरू से मसाला एंटरटेनर फिल्मों से दूर रहना चाहते थे। लेकिन करन अर्जुन की कामयाबी के बाद उन्हें समझ आया था कि मसाला एंटरटेनर फिल्में दर्शकों को किस हद तक आकर्षित करती हैं।