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माई नेम इज खान: मुसलमान, इस्लाम और पाक पर ये है शाहरुख की राय

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अपने 50वें जन्मदिन पर देश में असहिष्णुता बढ़ने का बयान देकर अभिनेता शाहरुख खान राजनीतिक प्रतिक्रियों से घिरे हुए हैं। लेकिन ये पहला मौका नहीं है, जब वे मुसलमान, इस्लाम व पाकिस्तान आदि मामले पर घिरे हैं। इससे पहले जनवरी 2013 में न्यूयॉर्क टाइम्स के साथ प्रकाशित आउटलुक टर्निग प्वाइंट पत्रिका में मुसलमानों की हालत पर लेख लिखकर विवादों में आए। फर्स्ट पर्सन विधा में लिखे गए इस लेख में उन्होंने लिखा था कि कुछ राजनेता उन्हें भारत में मुसलमानों के बुरे प्रतीक के तौर पर पेश करते हैं। कई बार राजनेता उन्हें अनायास निशाना बनाते हैं, क्योंकि वह मुसलमान हैं।
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उन्होंने लिखा था कि कैसे भारत में कुछ लोग उनकी देश भक्ति, वफादारी पर सवाल उठाते हैं। उन्हें देश छोड़ने तक की सलाह देते हैं। ऐसा कई बार हुआ है कि उन पर ये आरोप लगाए गए कि वो अपने देश के बजाय पड़ोसी देश के साथ वफादारी रखते हैं। एक ऐसा भारतीय होने के बावजूद, जिसके पिता ने स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ी। इन आरोपों के साथ रैलियां की गई जहां नेता उनको इस बात के लिए मजबूर करते नजर आए कि उन्हें ये देश छोड़ देना चाहिए।

उन्होंने अपनी पत्नी के बारे में जिक्र करते हुए लिखा कि गौरी के बारे में लिखा कि उनका इस्लाम उनकी पत्नी के हिंदू होने से नहीं टकराता। गौरी से उनकी असहमति सिर्फ लिविंग रूम की दीवार के रंग को लेकर है ना कि उन दीवारों की जगह को लेकर जो भारत में मस्जिदों को मंदिरों से अलग करती हैं। उन्हें तब बहुत खीझ हुई जब संयोगवश उनके आखिरी नाम वाले कुछ सनकी आतंकियों ने उनकी फिल्म के आखिरी नाम- 'माई नेम इज खान' का हवाला देकर अपनी बात साबित करने की कोशिश की।
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ये हैरत की बात है कि फिल्म के प्रमोशन के लिए पहली बार अमेरिका जाने पर वहां उनके नाम की वजह से एयरपोर्ट पर घंटों तक पूछताछ की गई। यही नहीं, लिखा कि उन्होंने अपने बेटे का नाम आर्यन और बेटी की नाम सुहाना इसलिए रखा है ताकि नाम से उनके मजहब का पता न चले।

लेख के बाद छिड़ा था घमासान

यह लेख प्रकाशित होने के बाद शाहरुख पर घमासान छिड़ गया। तत्कालीन पाकिस्तानी गृहमंत्री रहमान मलिक ने कहा कि भारत सरकार को शाहरुख को सुरक्षा देनी चाहिए। शाहरुख पैदाइशी भारतीय हैं और वह भारतीय ही रहना चाहेंगे, लेकिन हम भारत से आग्रह करते हैं कि कृपया उन्हें सुरक्षा प्रदान करें। इससे पहले आतंकी हाफिज सईद ने कहा था कि अगर शाहरुख भारत में सुरक्षित महसूस नहीं करते तो वह पाकिस्तान आ सकते हैं। गौरतलब है कि नये मामले में हफीज ने फिर से शाहरुख को न्योता दिया है।

इसके बाद मामले ने पूरी तरह से राजनीतिक रूप ले लिया था। तत्कालीन केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह ने कहा कि पाकिस्तान शाहरुख की चिंता छोड़ दे, हम अपने नागरिकों को सुरक्षा देने में सक्षम हैं। पाकिस्तान अपने नागरिकों की सुरक्षा की चिंता करे। तत्कालीन सूचना और प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा था कि दूसरों को नसीहत देते समय अपना घर संभालना चाहिए।

कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा कि कई बार दुनिया देख चुकी है कि पाकिस्तान अपने नागरिकों को सुरक्षा देने में नाकाम रहा है। मेहदी हसन को पाकिस्तान बेहतर स्वास्थ्य सुविधा भी नहीं दे पाया था। भारत में किसी की प्रतिभा जाति या धर्म से नहीं मापी जाती। यहां बिस्मिल्ला खान को भारत रत्न दिया गया। यहां शाहरुख खान, सलमान खान, आमिर खान, सैफ अली खान को चाहने वाले करोड़ों हैं।

भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा था कि जब कोई मुस्लिम विधायक या सांसद बनता है तो उसे सिर्फ मुस्लिम ही वोट नहीं देते। पाकिस्तान बकवास बंद करे। भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने भी पाकिस्तान के गृहमंत्री के बयान को हास्यासपद बताया था। बात यहां तक पहुंची की शाहरुख खान को मीडिया को बुलाकर अपने लेख पर विधिवत सफाई देनी पड़ी।
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तब पाकिस्तान बुलाए जाने पर क्या कहा शाहरुख ने

मामले को बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनते देख शाहरुख खान मीडिया को बुलाकर संबोधित किया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी पत्रिका में प्रकाशित जिस लेख पर विवाद हो रहा है, वह ज्यादातर लोगों ने पढ़ा ही नहीं है। उन्होंने मीडिया को उस लेख की प्रति उपलब्ध कराई।

शाहरुख खान ने कहा कि मुझे भारतीय होने पर गर्व है। यहां मैं पूरी तरह सुरक्षित हूं। किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं। लेख को पढ़े बिना ही विवाद खड़ा किया गया है। मुझे बीस साल में करोड़ों देशवासियों का बेशुमार प्यार मिला है। मैं पहले भारतीय हूं, उसके बाद कुछ और।

मामले से आहत शाहरुख ने कहा कि खान नाम उन्हें विरासत में मिला है इसलिए वो उससे छुटकारा नहीं पा सकते। मुसलमानों के पूछने पर वह इसे खुले गले से बोलते हैं और जब गैर-मुसलमान इस बारे में जानकारी चाहते हैं तो वे नस्ल के सबूत के तौर पर आर्यन का नाम बताते हैं।

इस मौके पर उन्होंने अपने लेख में लिखे अपने बेटों को सुनाए जाने वाले गानें के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि जब उनके बेटे धर्म को लेकर सवाल पूछते हैं तो वे उन्हें गंगनम स्टाइल में ये गाना भी सुनाता हैं- तू हिंदू बनेगा ना मुसलमान बनेगा, इंसान की औलाद है, इंसान बनेगा। ये रहा शाहरुख की पूरी सफाई का वीडियो।
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