फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

‘हम अच्छी फिल्में नहीं बना रहे’, शाहिद कपूर ने बॉलीवुड के मौजूदा हालात पर दी प्रतिक्रिया; बिजनेस पर कही ये बात

Sat, 31 Jan 2026 04:52 PM IST
आराध्य त्रिपाठी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Shahid Kapoor On Bollywood: ‘ओ रोमियो’ को लेकर चर्चाओं में बने शाहिद कपूर ने बॉलीवुड इंडस्ट्री को लेकर बात की। जानिए क्यों शाहिद ने कहा कि हम अच्छी फिल्में नहीं बना पा रहे?
विज्ञापन
शाहिद कपूर - फोटो : इंस्टाग्राम-@shahidkapoor
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पिछले कुछ साल में इस बात पर बहस तेज हो गई है कि डूम स्क्रॉलिंग ने ध्यान केंद्रित करने की क्षमता को कैसे प्रभावित किया है। कई लोगों का मानना है कि अब लोगों में लंबे समय तक चलने वाले मनोरंजन के लिए धैर्य नहीं बचा है। कुछ लोग तो इसे बॉलीवुड के पतन का एक कारण भी बताते हैं, क्योंकि दर्शक फिल्में देखने में कम रुचि दिखा रहे हैं। अब अपनी आगामी फिल्म ‘ओ रोमियो’ के प्रमोशन में जुटे अभिनेता शाहिद कपूर ने इस मुद्दे पर बात की। साथ ही उन्होंने कहा कि सिर्फ कम ध्यान केंद्रित करने की क्षमता ही इंडस्ट्री के मौजूदा हालातों के लिए जिम्मेदार नहीं है। एक्टर ने बॉलीवुड में अच्छी फिल्मों की कमी पर भी बात की।

मेकर्स भी अपने काम पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पा रहे

विज्ञापन

प्रखर गुप्ता के साथ यूट्यूब चैनल पर बातचीत में शाहिद कपूर ने कम ध्यान केंद्रित करने के मुद्दे पर कहा देखिए, मोमबत्ती दोनों तरफ से जल रही है। दर्शक अपना धैर्य खो रहे हैं। उनका ध्यान केंद्रित नहीं हो पा रहा है। उन्हें उत्तेजना चाहिए, उन्हें ब्रेक चाहिए, क्योंकि इससे डोपामाइन का स्तर बढ़ता है। मेकर्स भी अपने साथ ऐसा ही कर रहे हैं, इसलिए जब वे ध्यान केंद्रित करके काम करने की कोशिश करते हैं, तो उनकी रचनात्मक क्षमता प्रभावित होती है। ऐसा नहीं है कि दर्शक फिल्में देखना नहीं चाहते; लेकिन हम उतनी अच्छी फिल्में नहीं बना पा रहे हैं जितनी बनानी चाहिए। इसलिए यह एक दोतरफा प्रक्रिया है।

मेन्यूफैक्चेट मार्केटिंग पर जताई नाराजगी
शाहिद ने मेन्यूफैक्चेट मार्केटिंग पर भी अपनी राय रखते हुए कहा कि लोग समझते नहीं हैं, लेकिन यह जीवन का एक चमत्कार है। जब लोगों से भरा एक कमरा ताली बजाता है, सीटी बजाता है और आपको पहचानता है, आपको अपने से ऊपर दर्जा देता है, तो यह बहुत खूबसूरत होता है। इसीलिए कला खास है। लेकिन जब वह पवित्रता भंग होने लगती है और उसमें बनावटीपन आ जाता है, तो उसका महत्व खत्म हो जाता है। मार्केटिंग तो हर किसी को करनी पड़ती है। लेकिन मार्केटिंग कब सही और गलत की सीमा पार कर जाती है? हद से ज्यादा क्या होता है? यह वास्तव में आपकी अपनी नैतिक समझ पर निर्भर करता है। अगर आप उस समझ के साथ काम करना चुनते हैं, तो बात अलग है। लेकिन अगर आप सिर्फ बिजनेस और आंकड़ों के लिए काम कर रहे हैं, तो वह सिर्फ बिजनेस और आंकड़े ही हैं और वही आपका जीवन का अनुभव है। अगर आप कुछ प्रामाणिक, मानवीय, सहज खोज रहे हैं, तो उसे होने दें। उसे कंट्रोल करने की कोशिश न करें।

विज्ञापन


यह खबर भी पढ़ेंः ‘क्रिएटिव फील्ड में काम के घंटे तय नहीं होते’, दीपिका के आठ घंटे काम की मांग पर सौरभ शुक्ला ने दी प्रतिक्रिया

13 फरवरी को रिलीज होगी ‘ओ रोमियो’
शाहिद कपूर जल्द ही विशाल भारद्वाज द्वारा निर्देशित ‘ओ रोमियो’ में नजर आएंगे। मुंबई के गैंगस्टर हुसैन उस्तरा पर आधारित इस फिल्म में शाहिद कपूर के साथ तृप्ति डिमरी प्रमुख भूमिका में नजर आएंगी। इसके अलावा फिल्म में नाना पाटेकर, अविनाश तिवारी, तमन्ना भाटिया, दिशा पाटनी, विक्रांत मैसी और फरीदा जलाल भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म 13 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें