डांसर के रूप में की शुरुआत
शाहिद कपूर की कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प का शुरूआत शामक डावर के डांस अकादमी से हुई। 15 साल की उम्र में उन्होंने डांस में अपनी रुचि को महसूस किया और शामक डावर के संस्थान में प्रवेश लिया। यहां शाहिद ने न सिर्फ डांस सीखा बल्कि अपने अभिनय करियर की ओर कदम भी बढ़ाए। फिल्मों में बैकग्राउंड डांसर के रूप में उनका सफर यहीं से शुरू हुआ। वह 'दिल तो पागल है' (1997) और 'ताल' (1999) जैसी फिल्मों में सितारों के पीछे डांस करते नजर आए। इन शुरुआती दिनों में उन्होंने कोरियोग्राफर शामक डावर के साथ स्टेज शो में भी परफॉर्म किया, जिससे उनके आत्मविश्वास में इजाफा हुआ।
Alia Bhatt: आलिया भट्ट ने भारी भरकम किराए पर मुंबई में लिया अपार्टमेंट, यहां करेंगी ये काम
टीवी विज्ञापनों में भी आए नजर
शाहिद कपूर ने बॉलीवुड के नाम कमाने से पहले टीवी विज्ञापनों में काम करके अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी थी। वह कई ब्रांड्स के विज्ञापनों में नजर आए और कई म्यूजिक वीडियो में भी अभिनय किया। वह कुमार सानू के म्यूजिक वीडियो 'आंखों में' में भी दिखे, जो उनके करियर की एक अहम मोड़ साबित हुआ। यहां से निर्माता रमेश तौरानी ने शाहिद को अपनी फिल्म में काम करने का प्रस्ताव दिया।
शाहिद कपूर फैमिली ट्री
- फोटो : अमर उजाला
असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में भी कर चुके हैं काम
शाहिद कपूर ने फिल्मों में अभिनय से पहले अपने पिता के साथ एक सहायक निर्देशक के रूप में भी काम किया था। 1998 में उन्होंने 'मोहनदास' नाम के टेलीविजन शो में अपने पिता के सहायक निर्देशक के तौर पर काम किया। यह अनुभव उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित हुआ, क्योंकि इसने उन्हें फिल्म निर्माण की दुनिया को करीब से समझने का मौका दिया।
हर तरह के किरदार में जमाया रंग
शाहिद कपूर की अभिनय यात्रा में कई मोड़ आए। उन्होंने फिल्मों में अलग-अलग तरह की भूमिकाएं निभाकर दर्शकों को कई बार अपनी प्रतिभा का सबूत दिया है। किसी फिल्म में शर्मीले और आदर्शवादी युवक का किरदार निभाकर तो किसी फिल्म में गुस्सैल प्रेमी बनकर उन्होंने फैंस के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी है।