'अब मुझे कोई नेशनल अवॉर्ड नहीं दे रहा'
फिल्म 'लाहौर 1947' का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है। हाल ही में एक इंटरव्यू में शबाना आजामी से पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि वह 'लाहौर 1947' में अपनी परफॉर्मेंस के लिए एक और नेशनल अवॉर्ड जीत सकती हैं, तो एक्ट्रेस ने जवाब दिया, 'अब मुझे कोई नेशनल अवॉर्ड नहीं दे रहा है'। बता दें कि पांच नेशनल अवॉर्ड वह जीत चुकी हैं। एक्टिंग कैटेगरी में सबसे ज्यादा नेशनल अवॉर्ड्स जीतने का रिकॉर्ड भी उनके नाम है।
'इस फिल्म में पहली बार हुईं कई चीजें'
शबाना आजमी ने इस आगामी फिल्म को लेकर वैरायटी इंडिया से बातचीत में कहा, 'हमने फिल्म की शूटिंग बहुत पहले ही खत्म कर ली थी। शुक्र है, यह आखिरकार रिलीज हो रही है। इस प्रोजेक्ट में कई चीजें ऐसी हैं, जो मेरे लिए पहली बार हो रही हैं। मैंने पहले कभी राजकुमार संतोषी या आमिर खान के साथ काम नहीं किया, जो फिल्म को प्रोड्यूस कर रहे हैं। यह पहली बार है जब मैं सनी देओल और प्रीति जिंटा के साथ काम कर रही हूं। दोनों के साथ काम करना बहुत मजेदार है'।
बोले- 'स्क्रीन पर मैं इतना कभी नहीं रोई'
शबाना आजमी ने फिल्म में अपने रोल के बारे में भी बात की। उन्होंने बताया, 'यह औरत इतना रोती है। मैं स्क्रीन पर इतना कभी नहीं रोई हूं। राजकुमार संतोषी ओल्ड स्कूल हैं, लेकिन उन्हें पक्का यकीन है कि उन्हें क्या चाहिए! फिल्म 'लाहौर 1947' एक दमदार सब्जेक्ट है, जिसे वह वर्षों से बनाने की कोशिश कर रहे हैं। आमिर ने उन्हें इसे वैसा बनाने की आजादी दी है, जैसा उन्होंने सोचा था'।
बोलीं- 'अवॉर्ड सेट पर जाने की वजह नहीं'
शबाना आजमी से जब पूछा गया कि क्या यह फिल्म जीत सकती है। इस पर उन्होंने कहा, 'अब कोई मुझे नेशनल अवॉर्ड नहीं दे रहा है। मुझे एहसास है कि मुझे जो चीज सबसे ज्यादा पसंद है वह है एक्टिंग। अवॉर्ड अभी भी जरूरी हैं, लेकिन वे सेट पर जाने की वजह नहीं हैं'।