ऐसे शुरू हुआ संगीत का सफर
एसडी का पूरा नाम सचिव देव बर्मन है। उनका संबंध त्रिपुरा के राजघराने से रहा लेकिन उनके पिता को राजगद्दी से हटा दिया गया था। एसडी बर्मन ने अपने संगीत करियर की शुरुआत बांग्ला फिल्मों से की। बाद में वह हिंदी फिल्मों में संगीतकार के तौर पर सक्रिय हो गए। उन्होंने कई फिल्मों में संगीत निर्देशन किया। अपने संगीत निर्देशक के करियर में उन्होंने लगभग सौ से अधिक फिल्मों में संगीत दिया।
लता मंगेशकर-किशोर कुमार
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लता से हुए नाराज-किशोर को माना बेटा
लता मंगेशकर और किशोर कुमार दोनों ही गायकों ने एसडी बर्मन के साथ खूब काम किया। दोनों ही उनका बहुत सम्मान करते लेकिन एक बार लता जी से एसडी बर्मन नाराज हो गए थे। इस बारे में कुछ साल पहले एक इंटरव्यू में लता जी ने खुद बताया। लता जी का कहना था, 'जब मैंने एसडी बर्मन यानी दादा (प्रेम से दादा कहते) के साथ 'पग ठुमक चलत' गाना रिकॉर्ड किया तो वह काफी प्रसन्न हुए, इसे फाइनल भी कर दिया। लेकिन कुछ वक्त के बाद एसडी बर्मन ने फोन किया और कहा कि गाने को दोबारा रिकॉर्ड करना है। उस समय में कहीं बाहर जा रही थी, मैंने मना कर दिया। इस पर बर्मन दादा नाराज हो गए।' ऐसा माना जाता है कि इस कारण ही उन्होंने लता जी के साथ कुछ साल काम नहीं किया। बाद में नाराजी दूर हुई तो दोनों साथ में काम करने लगे। गायक किशोर दा को तो एसडी बर्मन बहुत पसंद करते, वह उन्हें अपना दूसरा बेटा मानते। किशोर कुमार और एसडी बर्मन ने साथ में कई फिल्में कीं। एसडी बर्मन के खुद के बेटे आरडी बर्मन भी हिंदी फिल्मों के बेहतरीन संगीतकार रहे।
हिट फिल्मों में दिया बेहतरीन संगीत
एसडी बर्मन ने हिंदी और बांग्ला फिल्मों में संगीत दिया है। जिन हिंदी फिल्मों में उन्होंने संगीत दिया, उनमें 'बंदनी', 'सुजाता', 'टैक्सी ड्राइवर', 'अभिमान', 'ज्वैल थीफ', 'प्यासा' और गाइड जैसी फिल्में शामिल हैं। इन फिल्मों की सफलता में बहुत बड़ा योगदान एसडी बर्मन के संगीत का भी रहा है। एसडी बर्मन सिर्फ फिल्मों में संगीत ही नहीं देते, उन्होंने कई फिल्मों में बतौर गायक गीत गाए भी। एसडी बर्मन के गाए गीत भी श्रोताओं को खूब पसंद आए।