प्रकाश झा इस बात से भले ही इंकार कर रहे हों कि 'सत्याग्रह' फिल्म अन्ना आंदोलन से प्रेरित नहीं है लेकिन फिल्म में एक नहीं कई ऐसे मौके आए हैं जब यह फिल्म अन्ना आंदोलन के दौरान घटी घटनाओं को हूबहू पर्दे पर उतारती दिखी है।
*अन्ना आंदोलन के दौरान अन्ना की टीम पर यह आरोप लगा था कि उसे संघ और भारतीय जनता पार्टी से पर्दे के पीछे सहयोग मिल रहा है। यह फिल्म भी इसी बात को रेखांकित करती है। फिल्म में दिखाया जाता है कि आंदोलन को धार देने के लिए अजय देवगन एक पार्टी का सहयोग लेते हैं जिसे फिल्म में कट्टरपंथी पार्टी कहकर बुलाया गया है।
*आंदोलन के दौरान अन्ना की टीम में फूट पड़ी थी। अरविंद केजरीवाल पर यह आरोप लगे थे कि वह सारे फैसले खुद कर रहे हैं। 'सत्याग्रह' फिल्म में भी एक हूबहू ऐसा ही दृश्य आता है जब अरविंद केजरीवाल से प्रेरित चरित्र अजय देवगन पर ऐसे ही आरोप लगाए जाते हैं।
*जिस तरह से अन्ना आंदोलन को गति देने के लिए फेसबुक सहित बाकी सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया गया था फिल्म में भी कुछ वैसा ही होते दिखाया गया है। 'सत्याग्रह' कर रहे टीम के साथी अपने पूरे आंदोलन को बड़ा और चर्चित करने के लिए फेसबुक और ट्वीटर का सहारा लेते हैं।
*अन्ना के मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रम लगातार चलते रहे थे। कुछ ऐसी ही झलक प्रकाश झा की फिल्म 'सत्याग्रह' में दिखती है। जहां ओसयिन बैंड सहित भजन-कीर्तन की मंडलियां भी अपनी संगीतमयी पेशकश देती हैं। अन्ना के मुखौटे और टोपियां भी कुछ उसी अंदाज में फिल्म में दिखती हैं।
*अन्ना हजारे के जेल में बंद होने के दृश्य को भी फिल्म में हूबहू उतारा गया है। बस फिल्म में उसका कंसर्न बदल दिया गया है। जिस तरह से सरकार को लोगों के दबाव में अन्ना हजारे को रिहा करना पड़ा था कुछ-कुछ वैसा ही फिल्म में दिखाया गया है।