15 मिनट में सरताज ने तैयार किया गाना
सतिंदर सरताज ने गाने के बारे में बात करते हुए कहा कि धुरंधर टीम से 15 मार्च को फोन आया। उस दोपहर मेरा लुधियाना में एक शो था। किसी ने फोन करके कहा कि एक बड़ी फिल्म में एक लाइन है, जिसे वे मुझसे करवाना चाहते हैं। सच कहूं तो मैंने पहले ज्यादा ध्यान नहीं दिया। कॉल शुरू होने के पांच मिनट के भीतर ही मुझे पता चला कि शाश्वत सचदेव भी कॉल पर हैं।
मैंने उनसे कहा, ‘मुझे इन सब चीजों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। मैं ज्यादा कुछ नहीं जानता। मैं बस लिखता हूं, संगीत बनाता हूं, गाता हूं।’ उन्होंने मुझसे कहा कि फिल्म विदेशों में रिलीज हो रही है, इसलिए प्रिंट कुछ ही घंटों में भेजना होगा। मैंने कहा ठीक है, कोशिश करते हैं। लगभग 15 मिनट में मैंने ट्रैक सुना, लाइन लिखी, संगीत बनाया, गाया और भेज दिया। मैंने अपना स्टूडियो बंद किया और अपने कॉन्सर्ट के लिए चला गया। बस इतना ही था। बाद में मुझे संदेश, लंबे वॉइस नोट्स, प्रतिक्रियाएं मिलने लगीं, लोग कह रहे थे कि उन्हें यह गाना बहुत पसंद आया।
सतिंदर सरताज और भूषण कुमार
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बिना किसी दबाव के गाया गाना
हालांकि, पहले सरताज की लाइन असल गाने का हिस्सा नहीं थी, लेकिन बाद में उनके गाने के बाद इसे जोड़ा गया। सरताज ने कहा कि मैंने इस गाने को बिना किसी दबाव के गाया। मैंने यह नहीं सोचा कि यह वायरल होगा या नहीं। मेरे लिए यह बस किसी के प्यार से पूछने जैसा था, एक पल है और मुझे ईमानदारी से जवाब देना चाहिए।