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Film Kathal: फिल्म ‘कटहल’ को मिला नेशनल अवॉर्ड, कॉमेडी के जरिए पुलिस-पॉलिटिकल सिस्टम पर सवाल

Fri, 01 Aug 2025 07:25 PM IST
पूनम कंडारी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Kathal Won Best Hindi Film National Award: सान्या मल्होत्रा स्टारर फिल्म ‘कटहल’ साल 2023 में रिलीज हुए एक सटायर कॉमेडी फिल्म थी। यशोवर्धन मिश्रा निर्देशित यह फिल्म ओटीटी पर रिलीज हुई। एक बार फिर से यह फिल्म चर्चा में है। इस फिल्म ने बेस्ट हिंदी फिल्म का नेशनल अवॉर्ड अपने नाम किया है। जानिए, क्या थी इस फिल्म की स्टोरी? 

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कटहल - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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सान्या मल्होत्रा की फिल्म ‘मिसेज’ ने जहां महिलाओं से जुड़े मुद्दे को उठाया था, वहीं साल 2023 में रिलीज हुई फिल्म ‘कटहल’ में कॉमेडी के जरिए पुलिस, पॉलिटिकल सिस्टम पर सटायर किया गया। फिल्म एक कटहल चोरी की कहानी से शुरू होकर आखिर में चौंका देती है। इसी फिल्म ने साल 2023 की बेस्ट हिंदी फिल्म का नेशनल अवॉर्ड अपने नाम कर लिया है। जानिए, क्या थी इस फिल्म की कहानी? सान्या मल्होत्रा ने इसमें किस तरह का रोल किया? 

कटहल चोरी से शुरू होती है कहानी 

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फिल्म में सान्या मल्होत्रा ने महिमा बसूर नाम की एक इंस्पेक्टर का रोल किया है। जिसे उसके काम का क्रेडिट सीनियर्स कभी नहीं देते हैं। इसी बीच मोबा नाम की जगह पर एक विधायक के बगीचे से दो कटहल चोरी हो जाते हैं। अब कटहल को खोजने की जिम्मेदारी सान्या मल्होत्रा के किरदार को मिलती है। इस काम को समय पर करने के लिए उस पर काफी दवाब है। इसके अलावा अपने ही डिपार्टमेंट सान्या के किरदार को जातिगत भेदभाव का शिकार भी होना पड़ता है। इस कहानी को निर्देशक ने सटायर कॉमेडी के स्टाइल में दर्शकों को दिखाया। आगे चलकर कहानी कटहल चोरी से लड़कियों के अपहरण तक पहुंचती है। इस स्थिति में इंस्पेक्टर महिमा यानी सान्या का किरदार क्या करता है? यही फिल्म की कहानी है। 

सटायर कॉमेडी के जरिए फिल्म का मैसेज क्या था? 
फिल्म ‘कटहल’ अपनी कहानी और कॉमेडी के जरिए पॉलिटिकल सिस्टम, पुलिस के रवैया, काम-काज करने के तरीके पर सवाल करती है। साथ ही प्रशासन में भी जातिगत भेदभाव को दिखाती है। इस फिल्म के जरिए यही मैसेज दिया गया है कि एक विधायक के दो कटहल खोजने के लिए पूरा पुलिस डिपार्टमेंट लग जाता है। लेकिन एक असहाय, गरीब व्यक्ति की बेटी गायब हो जाए तो पुलिस को परवाह नहीं है। यह बात फिल्म की कहानी भर नहीं, हमारे समाज की कड़वी सच्चाई है। इस कड़वी सच्चाई को पूरी ईमानदारी से फिल्म ‘कटहल’ पेश करती है, यही कारण है कि नेशनल अवॉर्ड की हकदार बनी है। 

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