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Arun Mandola: 'आदिपुरुष' पर भड़के 'संकटमोचन महाबली हनुमान' के अरुण मंडोला, बोले- मेरा शो इससे कई गुना बेहतर

Sun, 25 Jun 2023 11:17 AM IST
प्रियंका नेगी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

ओम राउत के निर्देशन में बनी 'आदिपुरुष' पर विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। इस बीच संकटमोचन महाबली हनुमान और विघ्नहर्ता गणेश शो में लक्ष्मण की भूमिका निभाने के लिए जाने जाने वाले अभिनेता अरुण मंडोला फिल्म पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
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अरुण मंडोला - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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ओम राउत के निर्देशन में बनी 'आदिपुरुष' पर विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। आम दर्शकों से लेकर सेलेब्स तक प्रभास और सैफ अली खान की फिल्म की आलोचना कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर दर्शक अपनी भड़ास निकाल रहे हैं। मेकर्स को बुरा भला कहा जा रहा हैं। फिल्म के निर्देशन से लेकर संवाद तक को बेहूदा बताया जा रहा है। इस बीच संकटमोचन महाबली हनुमान और विघ्नहर्ता गणेश शो में लक्ष्मण की भूमिका निभाने के लिए जाने जाने वाले अभिनेता अरुण मंडोला फिल्म पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

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अभिनेता अरुण मंडोला का कहना है कि हाल ही में रिलीज हुई फिल्म आदिपुरुष को देखना निराशाजनक रहा है। उन्होंने आगे कहा कि फिल्म में गंभीर त्रुटियां हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी सामान्य व्यक्ति फिल्म में 100 गलतियां बता सकता है। लोग रामायण और भगवान राम, लक्ष्मण, माता सीता और हनुमान के लिए बहुत सम्मान रखते हैं और जाहिर तौर पर फिल्म आदिपुरुष में निर्माताओं द्वारा की गई कई गलतियों को देखर वह परेशान हैं।

अरुण मंडोला - फोटो : सोशल मीडिया
उन्होंने आगे कहा कि आदिपुरुष में सबसे बड़ी समस्या दृढ़ विश्वास की कमी है। यदि आपमें किसी भी चीज में दृढ़ विश्वास की कमी है, तो परिणाम शून्य होंगे। मैं फिल्म के संवाद, वीएफएक्स, वेशभूषा आदि देखकर हैरान हूं। गलतियों की सूची अंतहीन लगती है। मेरे टीवी शो, संकटमोचन महाबली हनुमान और विघ्नहर्ता गणेश के संवाद, वेशभूषा और वीएफएक्स, फिल्म की तुलना में दस गुना बेहतर हैं। यह देखना दर्दनाक है क्योंकि हमारी भावनाएं श्रीराम, लक्ष्मण, माता सीता और हनुमान जी से जुड़ी हुई हैं।  हालांकि, अगर कोई हमारे देवताओं के बारे में कुछ गलत करता है, तो हम चुप नहीं रह सकते।
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अभिनेता ने संवादों पर अपनी भावनाएं साझा कीं। फिल्म के संवाद हमारी नई पीढ़ी के लिए बेहद अनुपयुक्त हैं। उन्हें संस्कृत श्लोक सिखाने के बजाय, हम उन्हें बकवास बता रहे हैं। अगर आपमें दृढ़ विश्वास की कमी है तो कुछ भी न बनाना बेहतर है। ऐसी फिल्मों को बहुत सावधानी से बनाने की जरूरत है।

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