टाडा अदालत में समर्पण करने के बाद संजय दत्त को मुंबई की आर्थर रोड स्थित जेल भेज दिया गया। जेल जाते समय संजय दत्त के पास तीन किताबें, एक शर्ट और दो टी-शर्ट थीं। इन तीन किताबों में पूर्व राष्ट्रपति एपीजी अब्दुल कलाम की किताब 'विंग्स ऑफ फायर' भी शामिल थी।
संजय दत्त ने टाडा अदालत में गद्दे, इलेक्ट्रानिक सिगरेट और घर के खाने की मांग की थी। कोर्ट ने सिगरेट को छोड़कर बाकी दोनो मांगे मान ली थी। संजय दत्त को पुणे की जेल में ले जाना था लेकिन रात हो जाने की वजह से वह गुरुवार को मुंबई की आर्थर रोड जेल में गए।
जेल में वह अपने साथ एक बैग ले गए। जेल निरीक्षक ने उस बैग की तलाशी ली। उस बैग से तीन किताबें, दो टी-शर्ट एक हॉफ पैंट और एक शर्ट निकली। संजय के उस बैग में तीन किताबें भी निकलीं।
इन तीन किताबों में एपीजे अब्दुल कलाम की किताब 'विंग्स ऑफ फायर' भी थी। संजय ने जेल की पहली रात में होटल से खाना मंगाकर खाया। जेल के बैरक नंबर 12 में वह देर रात तक चहल-कदमी करते रहे। रात एक बजे के बाद वह लेटे लेकिन उन्हें नींद नहीं आयी।
शुक्रवार को संजय दत्त को किसी भी वक्त पुणे की जेल में ट्रांसफर किया जा सकता है।