महाराष्ट्र सरकार ने एक्टर संजय दत्त को समय से पहले जेल से रिहा करने के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट के सामने अपना पक्ष रखा है। गौरतलब है कि संजय को तय अवधि से आठ महीने पहले ही रिहा कर दिया था।
सरकार ने हलफनामा दायर करके कहा है उसने तय नियमों के आधार पर ही संजय को जेल से रिहा किया था। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि संजय दत्त के साथ कोई विशेष व्यवहार नहीं किया गया था।
आपको बता दें कि दत्त को पुणे के यरवदा जेल में रखा गया था और अच्छे आचरण को देखते हुए सजा पूरी होने से आठ महीने पहले ही फरवरी, 2016 में रिहा कर दिया गया था।
रिपोर्ट में कहा कि दत्त को उनके 'अच्छे आचरण, अनुशासन एवं शारीरिक अभ्यास, शैक्षणिक कार्यक्रमों जैसे विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लेने तथा सही तरीके से काम करने के लिए' सजा में छूट दी गयी।
उल्लेखनीय है कि संजय को समय से पहले जेल से रिहा किए जाने के खिलाफ अदालत में पुनर्विचार याचिका दायर की गई है, जिस पर सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया था।
बता दें कि संजय दत्त को 1993 के सीरियल ब्लास्ट केस में पांच साल कैद की सजा सुनाई गई थी।