पीएम नरेन्द्र मोदी और पिता सुनील दत्त के साथ संजय
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केंद्र सरकार फिल्म अभिनेता संजय दत्त को एंटी-ड्रग ड्राइव का ब्रांड अम्बेसडर बनाने पर विचार कर रही है। केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि संजय दत्त ने अलग-अलग मौके पर ड्रग अब्यूज से जुड़े अपने अनुभव साझा किये हैं। ऐसे में हमें लगता है कि वे युवाओं को नशीले पदार्थों से दूर रहने के लिए वह अच्छी तरह से प्रोत्साहित कर सकते हैं। उम्मीद जताई गई है कि केंद्र सरकार की तरफ से आगामी 26 जून को इसकी आधिकारिक घोषणा की जाएगी।
दरअसल नशीले पदार्थों को लेकर लोगों को शिक्षित करने, उन्हें जागरूक करने, उनकी काउंसलिंग और उनके इलाज के लिए एक एंटी ड्रग पॉलिसीस एंड प्रोग्राम की शुरुआत की गई है। इसका मकसद 2018-2025 के दौरान तेजी से बढ़ रहे ड्रग अडिक्शन से जुड़े मामलों को सिर्फ कम करना ही नहीं, बल्कि नशे के चंगुल में फंसे युवाओं को इससे बाहर आने में मदद करना भी शामिल है। सरकार की यह योजना देश के 127 जिलों में लागू की जाएगी। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की तरफ से हाल ही में पूरे देश में नशे में लिप्त लोगों को लेकर एक रिपोर्ट जारी की गई थी। जिसमें करीब 28 करोड़ से ज्यादा लोगों को नशे में किसी न किसी रूप में लिप्त पाया गया था।
आपको बता दें कि बीते फरवरी में संजय दत्त का एक वीडियो काफी वायरल हुआ था जिसमें वे कहते नज़र आ रहे हैं कि जब भी कोई दोस्त ड्रग्स के लिए बोलता हो तो उसकी मत सुनो। इस वीडियो में संजय दत्त अध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर के साथ नशा मुक्ति अभियान से जुड़ने की अपील करते नज़र आ रहे थे। वहीं सभी को पता है कि संजय दत्त खुद इन ड्रग्स के चंगुल से कैसे बचे हैं। इस बात का सारा आज भी संजय दत्त के पिता सुनील दत्त को ही जाता है।