संवाद के मंच पर मनोज मुंतशिर
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कुमार विश्वास पर क्या बोले मनोज
मनोज से उनकी 'नफरती चिंटू' वाली टिप्पणी पर सवाल किया गया कि जैसे आप श्रीराम के भक्त हैं और भी बड़े कवि हैं, जो श्रीराम के बारे में बात करते हैं, लेकिन आप उन्हें नफरती चिंटू कह देते हैं, ऐसा क्यों? इस पर जवाब देते हुए मनोज मुंतशिर ने कहा, ' मैंने बहुत विशेष संदर्भ में यह बात कही थी। यहां बात मेरे बड़े भाई की हो रही है, जो कि एक बहुत बड़े कवि (कुमार विश्वास) हैं, वो श्रीराम पर जो शो करते हैं, वो अद्भुत होता है, मुझे लगता नहीं है कि भगवान श्रीराम पर मैं उनसे अच्छा कुछ देखता या कुछ सुनता हूं, जो वह बोलते हैं, वो बहुत अच्छा लगता है। मैं उनका शो कुछ सीखने के लिए देखता हूं, लेकिन यह भी सच है कि आप कुछ लोगों को खुश करने या तालियां बटोरने के लिए यह नहीं कह सकते कि आप इसे हीरो बनाना चाहते हैं तो हम तो इसे खलनायक भी नहीं बनने देंगे।'
मनोज का निडर अंदाज
मनोज ने डर के बारे में भी बात की। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें डर नहीं लगता कि वह मंच पर इतना खुलकर किसी के बारे में भी बोल देते हैं। इस पर उन्होंने कहा, जब छोटेलाल मास्टर ड से डर पढ़ा रहे थे, उस समय हम पेड़ पर चढ़कर अ से अमरुद खा रहे थे। हमें किसी से डर नहीं लगता, जो सच होता है, हम खुलकर बोलते हैं।'