संगीतकार नदीम-श्रवण संग जमी जोड़ी
उत्तरप्रदेश से मुंबई गीतकार बनने का सपना लिए समीर अनजान आए लेकिन उन्हें शुरुआती दौर में काफी संघर्ष करना पड़ा। एक लंबे वक्त के बाद उन्हें आमिर खान की फिल्म ‘दिल’ मिली। इस फिल्म ने उन्हें बतौर गीतकार पहचान दी। साथ ही उन्हें फिल्म ‘आशिकी’ ने तो बॉलीवुड में बतौर गीतकार पूरी तरह से स्थापित कर दिया। समीर अनजान ने ‘आशिकी’ में नदीम-श्रवण की संगीतकार जोड़ी के साथ काम किया। इसके बाद इन तीनों ने मिलकर बेहतरीन गीत बॉलीवुड फिल्मों के लिए बनाए।
बॉलीवुड की तीन पीढ़ियों के लिए गीत लिखे
समीर अनजान ने लगभग 500 फिल्मों के लिए अब तक गीत लिखे हैं। इन फिल्मों में अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान और ऋतिक रोशन तक की फिल्में शामिल हैं। इस तरह देखा जाए तो समीर ने बॉलीवुड की तीन पीढ़ियों के लिए गीत लिखे हैं। यह बात किसी भी गीतकार के लिए बड़ी उपलब्धि हो सकती है।
समय के साथ खुद को बदला
गीतकार के तौर पर समीर अनजान आज भी प्रासंगिक हैं क्योंकि वह वक्त के साथ खुद के गीतों को बदलते रहे। एक तरफ वह फिल्म ‘बीवी नंबर 1’ में ‘मुझे माफ करना ऊं साईं राम’ गीत लिखते हैं, वहीं ‘धूम 2’ में ‘क्रेजी किया रे’ गीत भी लिख लेते हैं। फिल्म ‘सनम तेरी कसम’ में ‘खींच मेरी फोटो’ जैसे गाने भी समीर ने लिखे हैं।
समीर अनजान के जीवन से जुड़े अनसुने किस्से
समीर अनजान को गीतकार के तौर पर श्रोता अच्छी तरह जानते हैं। लेकिन उनके निजी जीवन से जुड़ी कम ही बातें दर्शकों को पता हैं। जानिए, समीर अनजान के जीवन से जुड़ी कुछ अनसुनी बातें।
- समीर अनजान अपने पिता लाला जी पांडे उर्फ अनजान साहब से जन्म के 23 साल बाद मिले। यह सुनकर किसी को भी अजीब लग सकता है। एक इंटरव्यू में समीर अनजान ने इस बात का जिक्र था। दरअसल, उनके पिता भी गीतकार थे और मुंबई में करियर बनाने आए। ऐसे में 23 साल समीर को पिता के साथ रहने का मौका नहीं मिला, उनका पालन-पोषण दादा शिवनाथ पांडे ने किया। समीर के पिता को लगभग 17 साल से अधिक का समय इंडस्ट्री में सेट होने में लगा।
- समीर अनजान गीतकार बनने से पहले एक सरकारी बैंक में नौकरी ज्वाइन कर चुके थे। लेकिन उनका उस काम में मन नहीं लगा। ऐसे में दो दिन में ही समीर अनजान ने नौकरी छोड़ दी। साथ ही तय कर लिया कि गीतकार बनने के लिए मुंबई जाएंगे।
- बैंक की नौकरी छोड़ने के बाद समीर 500 रुपये लेकर मुंबई पहुंचे। कई सालों तक गीतकार बनने के लिए संघर्ष किया। लगभग नौ साल के बाद उन्हें एक फिल्म ‘दिल’ मिली, इसके लिए समीर ने गाने लिखे, जिसके बाद उनकी किस्मत बॉलीवुड में बदल गई।