फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मैं अपराधी नहीं हूं, न ही खास आदमीः सलमान

विज्ञापन
विज्ञापन
बॉलीवुड के स्टार सलमान खान ने कहा है कि काले हिरण को मारने के जुर्म में उन्हें अपराधी ठहराए जाने के फैसले पर रोक लगाने का राजस्थान हाईकोर्ट का आदेश उचित है। दोष सिद्धि पर रोक नहीं होने के कारण उन्हें ब्रिटेन सहित अन्य देशों के लिए वीजा नहीं मिल पा रहा था।
विज्ञापन


इस कारण फिल्म निर्माताओं को भारी आर्थिक नुकसान सहना पड़ रहा था। हाईकोर्ट ने विशेष परिस्थितियों को देखते हुए दोष सिद्धि पर रोक लगाई है। हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ राजस्थान सरकार का सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करना उचित नहीं है।

नहीं दी है विशेष सुविधा

सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में सलमान खान ने कहा है कि अदालतों ने उन्हें हमेशा ही आम नागरिक माना है और कभी भी कोई विशेष सुविधा नहीं दी। दबंग स्टार ने कहा कि वह देश में सबसे अधिक कर देने वालों में शामिल हैं।

हाईकोर्ट ने उनकी दोष सिद्धि पर सिर्फ इसलिए रोक लगाई है ताकि वह अपने पेशेवर कार्यक्रमों के सिलसिले में विदेश जा सके। 48 वर्षीय फिल्म अभिनेता ने राजस्थान सरकार के इस तर्क का विरोध किया कि हाईकोर्ट ने दोष सिद्धि पर रोक लगाकर सलमान को विशेष सुविधा प्रदान की है। इस मामले में सलमान को निचली अदालत ने पांच साल की कैद की सजा सुनाई थी।
विज्ञापन

कोर्ट ने रोका था फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने नौ जुलाई को हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ राजस्थान सरकार की याचिका पर सलमान खान को नोटिस जारी किया था। हाईकोर्ट ने पिछले साल 12 नवंबर में काले हिरण के शिकार के मामले में सलमान को दोषी ठहराने के फैसले पर रोक लगाकर उनके लिए ब्रिटेन का वीजा प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त कर दिया था।

सलमान ने राज्य सरकार की याचिका खारिज करने का अनुरोध करते हुए कहा है कि वह परोपकारी व्यक्ति हैं और भारतीय फिल्मों का प्रचार करते हैं तथा उनके पेशेवर कार्यक्रम इस उद्योग के लिए रोजगार का सृजन करते हैं।

ट्रायल कोर्ट ने 10 अप्रैल, 2006 को वन्यजीव अधिनियम, 1972 की धारा 21 के तहत पांच साल के साधारण कारावास का दंड दिया था। सत्र अदालत ने 24 अगस्त, 2007 को दिए फैसले में ट्रायल कोर्ट के निर्णय को सही ठहराया था। सलमान खान की अपील राजस्थान हाईकोर्ट में लंबित है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें