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'रेप पीड़िता' जैसा महसूस करने के बयान पर सलमान ने तोड़ी चुप्पी

Fri, 24 Jun 2016 12:37 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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सलमान खान आजकल हर तरफ से हमले झेल रहे हैं। सलमान ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि 'सुल्तान' की शूटिंग के बाद वो इतना थक जाते थे कि रेप पीड़िता जैसा महसूस करते थे। हालांकि सलमान ने तुरंत इस पर कहा कि 'मुझे ऐसा नहीं कहना चाहिए'। इसके बावजूद सलमान लगातार कई संगठनो के निशाने पर हैं। सोशल मीडिया पर उनके इस बयान की लगातार निंदा हो रही है। सलमान ने इस पर अभी तक तो चुप्पी साध रखी थी लेकिन आईफा अवार्ड के लिए रियल मैड्रिड जाते सलमान आखिर मीडिया के हाथों पड़ ही गए।
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हिन्दुस्तान टाइम्स के मुताबिक, सलमान से जब पूछा गया कि उनके बयान पर जबरदस्त विवाद हो रहा है तो उन्हें क्या कहना है। इस पर सलमान ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि उन्हें कम बोलना चाहिए क्योंकि इन दिनों वह जो कहते हैं उसकी गलत व्याख्या की जाती है। सलमान ने आईफा अवॉर्ड के दौरान भी कहा कि 'मैं ज्यादा समय नहीं लूंगा क्योंकि इन दिनों मैं जितना कम बोलूं ठीक रहेगा'
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ये है सलमान का बयान, जिसको लेकर है विवाद

सलमान खान के फिल्म सुल्तान के प्रमोशन के दौरान मीडिया के एक समूह को दिए गए इंटरव्यू की कुछ बातों ने इस सितारे को मुश्किल में डाल दिया है। पढ़िए उस इंटरव्यू का वो अशं जिसको लेकर बवाल मचा हुआ है।

इस फिल्म से पहले आपकी पहलवानों  के बारे में क्या राय थी?
मैं इससे पहले एक ही पहलवान को जानता था, जिसका नाम है गामा। वह एकमात्र बेहतरीन पहलवान थे। उनके बाद दारासिंह और रंधावा।

और इस फिल्म के बाद?
सुल्तान पहलवान!!

क्या सुल्तान ने गामा पहलवान को फॉलो किया?
हमने गामा के बारे में अपने पिता से काफी सुन रखा था। यही नहीं हमने एक स्क्रिप्ट भी तैयार की थी गामा पर...।

उस पर फिल्म बनने की खबरें थीं!
जी हां, वह होगी अभी।

फिल्म के लिए कुश्ती सीखने में कितनी मेहनत लगी?
सीख तो गए लेकिन इसकी ट्रेनिंग बहुत कठिन है। आपके पास वैसा शरीर होना चाहिए। फुर्ती और पैरों में ताकत। जब तक आप उनकी (पहलवान) तरह ट्रेनिंग नहीं करेंगे, आप वैसे नहीं लगेंगे। मेरी और आमिर की जैसी ट्रेनिंग हुई है वह उन पहलवानों से ज्यादा ही हो गई। वेट ट्रेनिंग, दांव-पेंच। सुबह-शाम ढाई-ढाई घंटे। मुझे मिट्टी पर भी कुश्ती सीखनी पड़ी और मैट पर भी। पंचिंग-किकिंग और मार्शल आर्ट्स भी सीखे। अगर आप इतनी ट्रेनिंग नहीं करेंगे तो फ्रॉड जैसे दिखेंगे। इसके बाद जो शूटिंग करते थे तब छह घंटे जो उठा-पटक होती थी, जो अविश्वसनीय है। फिल्म के लिए 120 किलो के आदमी को उठा कर मुझे दस बार पटकना पड़ता था। पांच अलग-अलग एंगिल से। जबकि कुश्ती मैच में यह एक-दो बार होता है। छह घंटे तक यह चलता था और बेहद कठिन होता था। जब मैं रिंग से बाहर निकलता था तो सचमुच वह ऐसा होता था कि जैसे कोई रेप की शिकार महिला आ रही हो। ओह...मुझे नहीं लगता यह कहना चाहिए था! फिर मैं बाहर आता था, खाता था और वापस जाता था। यह मेरी जिंदगी की सबसे कठिन फिल्म थी।
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