रहमान ने दिया था ये बयान
एआर रहमान ने इस साल की शुरुआत में बीबीसी एशियन नेटवर्क से बातचीत में कहा था कि ‘बीते आठ साल से मैं यह महसूस कर रहा हूं कि इंडस्ट्री में टैलेंट के दम पर काम नहीं मिलता। म्यूजिक इंडस्ट्री की कमान ऐसे हाथों में है जो न तो क्रिएटिव हैं और न ही क्रिएटिविटी को समझते हैं।
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धर्म भी कम काम करने का एक कारण है। आपके सामने तो लोग कुछ नहीं बोलते पर पीठ पीछे कानाफूसी करते हैं। धीरे-धीरे वो सांप्रदायिक भावना को फिल्मी और संगीत की दुनिया पर हावी होता हुआ महसूस कर रहे हैं। इसका असर उन्हें अपने काम पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है।’ इसके अलावा उन्होंने ‘छावा’ को एक बांटने वाली फिल्म बताया था।