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‘अगर वो रामायण में संगीत दे रहे हैं तो…’, एआर रहमान के सांप्रदायिकता वाले बयान पर सलीम मर्चेंट ने जताई असहमति

Mon, 09 Mar 2026 09:32 PM IST
Aradhya Tripathi एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Salim Merchant On AR Rahman: संगीतकार और गायक सलीम मर्चेंट ने एआर रहमान के सांप्रदायिकता वाले बयान पर प्रतिक्रिया दी है। रहमान से असहमति जताते हुए उन्होंने आगामी फिल्म ‘रामायण’ का उदाहरण दिया है। जानिए उन्होंने क्या कुछ कहा…
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सलीम मर्चेंट और एआर रहमान - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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इस साल की शुरुआत में दिग्गज संगीतकार एआर रहमान ने इंडस्ट्री में सांप्रदायिकता को लेकर एक बयान दिया था। जिसमें उन्होंने खुद को काम न मिलने की बात भी कही थी। उनके इस बयान ने इंडस्ट्री में एक नई बहस छेड़ दी थी। हालांकि, इस पर रहमान का स्पष्टीकरण भी सामने आया था। अब लगभग दो महीने बाद सिंगर व संगीतकार सलीम मर्चेंट ने एक बार फिर इस मामले पर अपनी राय रखी है।

सलीम मर्चेंट ने दिया ‘रामायण’ का उदाहरण

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आईएएनएस से बातचीत में सलीम मर्चेंट ने एआर रहमान के विचार से असहमति जताई है। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि यह सच है। रहमान ने जो कहा है, उसका सम्मान करते हुए हो सकता है कि वे अपने अनुभव और दृष्टिकोण से सही हों, लेकिन मुझे नहीं लगता कि ऐसा है।

एआर रहमान के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ‘रामायण’ का जिक्र करते हुए सलीम ने कहा कि मुझे लगता है कि अगर भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक ‘रामायण’ जैसे हिंदू महाकाव्य पर आधारित फिल्म के लिए संगीतकार रहमान हैं, तो मुझे नहीं लगता कि इंडस्ट्री में कोई सांप्रदायिक समस्या है। लेकिन यह मेरा नजरिया और मेरी राय है। उनके अपने कारण हो सकते हैं।

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एआर रहमान - फोटो : अमर उजाला
रहमान ने दिया था ये बयान
एआर रहमान ने इस साल की शुरुआत में बीबीसी एशियन नेटवर्क से बातचीत में कहा था कि ‘बीते आठ साल से मैं यह महसूस कर रहा हूं कि इंडस्ट्री में टैलेंट के दम पर काम नहीं मिलता। म्यूजिक इंडस्ट्री की कमान ऐसे हाथों में है जो न तो क्रिएटिव हैं और न ही क्रिएटिविटी को समझते हैं।

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धर्म भी कम काम करने का एक कारण है। आपके सामने तो लोग कुछ नहीं बोलते पर पीठ पीछे कानाफूसी करते हैं। धीरे-धीरे वो सांप्रदायिक भावना को फिल्मी और संगीत की दुनिया पर हावी होता हुआ महसूस कर रहे हैं। इसका असर उन्हें अपने काम पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है।’ इसके अलावा उन्होंने ‘छावा’ को एक बांटने वाली फिल्म बताया था।
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