फिल्म स्टार सलमान खान के मुंबई धमाकों के दोषी याकूब मेनन की फांसी का विरोध करने पर किए ट्विट्स की उनके पिता, केस के सरकारी वकील और कई अन्य लोगों ने आलोचना की है और उन्हें गलत ठहराया है।
शनिवार की रात सलमान ने एक के बाद एक 51 मिनट में 14 ट्वीट किए थे। उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'एक बेग़ुनाह की फांसी समूची इंसानियत का कत्ल है।' याक़ूब मेमन को 2007 में विशेष अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी, जिसे हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा था।
सलमान के पिता सलीम खान ने इस पर मीडिया से कहा, 'जिस व्यक्ति को किसी मसले की जानकारी ही ना हो, उसके विचार का कोई महत्व नहीं होता।'
'सलमान ने जो कुछ ट्वीट किया है, वह अर्थहीन है'
सलीम खान ने कहा कि सलमान एक कलाकार हैं, इसलिए उन्हें अधिक कुछ नहीं पता। उन्होंने कहा, 'सलमान ने जो कुछ ट्वीट किया है वह अर्थहीन है। मैं इसे सपोर्ट नहीं करता।'
उनके इस ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए एक टीवी चैनल पर सरकारी वकील उज्जवल निकम ने कहा कि सलमान खान को अपना ट्वीट वापस लेना चाहिए, नहीं तो वे उन पर कानूनी कार्रवाई करने पर विचार करेंगे।
उज्जवल निकम ने कहा कि याकूब मेमन को निर्दोष बताना गलत है और सलमान अपनी लोकप्रियता का गलत फायदा उठा रहे हैं। शिवसेना प्रमुख उद्दव ठाकरे ने कहा, 'किसी को भी ऐसी बातों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। इसे अनदेखा किया जाना चाहिए।'
शत्रुघ्न सिन्हा ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, 'अगर उसने ऐसा कहा है तो आप उसकी भावनाओं को समझिए।'
सलमान ने की न्यायालय की अवमानना!
अभिनेता रजा मुराद ने सलमान के ट्वीट्स पर कहा, 'ये सलमान खान की निजी राय है, लोकतांत्रिक देश का नागरिक होने के नाते उन्हें अपनी राय जाहिर करने का हक है।
वहीं सरकारी वकील उज्जवल निकम ने कहा, 'सलमान का ये ट्विट बेहद आपत्तिजनक है, किसी ऐसे इंसान को निर्दोष बताना जिसे कोर्ट की ओर से अपराधी करार दिया जा चुका है, सीधे न्यायालय की अवमानना है।'
निकम ने कहा, 'एक सेलिब्रिटी होने के नाते आप लोगों की नजरों में भी न्यायालय के प्रति संदेह का दृष्टिकोण पैदा कर रहे हैं। मैं चाहता हूँ सलमान अपना ट्वीट वापस लें।'
उधर, वरिष्ठ वकील केटीएस तुलसी ने कहा, 'उसने (याकूब) कई बहुमूल्य जानकारियां दी हैं, जिन्हें बाद में सही पाया गया है। मैं समझता हूं कि इस पर पुनर्विचार होना चाहिए।