ये अमीर और गरीब के बीच का मामला
सैफ ने माना कि चाकू लगने के बाद उन्हें लगा कि शायद उस पल उनकी मौत हो जाएगी। उन्होंने कहा कि मैंने सफेद कुर्ता-पजामा पहना था जो खून से लथपथ हो गया था और एक समय मैं जमीन पर पड़ा था, मुझे लगा कि मैं मर सकता हूं। उस समय मैं सच में तैमूर के साथ रहना चाहता था और मैंने उससे पूछा कि क्या वह मेरे साथ अस्पताल चलेगा, तो उसने मुझसे पूछा, 'क्या आप मरने वाले हैं?'
मैंने उससे कहा नहीं और हम दोनों साथ में अस्पताल गए। मैं उस आदमी को माफ भी करना चाहता था क्योंकि मुझे लगता है कि उसने बहुत बड़ी गलती की और मुझे नहीं लगता कि वह झगड़ा करना चाहता था।
मैं उसे खुशी-खुशी माफ कर देता, लेकिन जिस तरह से उसने मुझे मारने की कोशिश की, उस बात को भूल पाना मेरे लिए मुश्किल हो रहा है। यह अमीर और गरीब के बीच के फर्क का मामला है और इसी असमानता की वजह से ऐसा हुआ है।
कर्तव्य में सैफ अली खान
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