दो घंटे तक छिपा रहा आरोपी
यह प्रमाणपत्र 30 वर्षीय आरोपी की बांग्लादेशी राष्ट्रीयता को साबित करने के लिए मजबूत सबूत बन गया है, जिसकी पहचान शरीफुल इस्लाम शहजाद मोहम्मद रोहिल्ला अमीन फकीर के रूप में हुई है, जिसने अपना नाम बदलकर विजय दास रख लिया है। अधिकारी ने प्रारंभिक जानकारी का हवाला देते हुए कहा, 'अपराध (16 जनवरी को) करने के बाद फकीर 'सतगुरु शरण' इमारत के अंदर बगीचे में लगभग दो घंटे तक छिपा रहा, जहां सैफ अली खान अपने परिवार के साथ रहते हैं, क्योंकि उसे पकड़े जाने का डर था।'
आरोपी को ठाणे से गिरफ्तार किया गया
उन्होंने कहा कि आरोपी सैफ अली खान के अपार्टमेंट में इसलिए घुसा, क्योंकि वह बड़ी रकम की तलाश में था। हालांकि, अधिकारी ने इसकी पुष्टि नहीं की कि क्या आरोपी को पता था कि खान इमारत की ऊपरी मंजिल पर रहता है और उसने चोरी करने का फैसला किया है। हिंसक हमले के तीन दिन बाद फकीर को ठाणे से गिरफ्तार किया गया था।
आरोपी का बयान
पुलिस द्वारा पकड़े जाने के बाद फकीर ने पुलिस को बताया कि उसका नाम विजय दास है और वह कोलकाता का रहने वाला है। हालाँकि, वह अपने दावे के समर्थन में कोई दस्तावेज उपलब्ध कराने में विफल रहा। एक अधिकारी ने कहा, पूछताछ के दौरान उसने अपना असली नाम और बांग्लादेशी राष्ट्रीयता का खुलासा किया। इसके बाद पुलिस ने फकीर से बांग्लादेश में उसके परिवार के किसी व्यक्ति को फोन करवाया।
अब ठीक हो रहे हैं सैफ
अधिकारी ने कहा, 'उसने अपने भाई को फोन किया और अपना स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट भेजने को कहा। उसके भाई ने इसे (प्रमाण पत्र) फकीर के मोबाइल फोन पर भेजा। यह दस्तावेज यह साबित करने के लिए मजबूत सबूत है कि वह बांग्लादेशी नागरिक है।' हमले में सैफ अली खान पर कई बार चाकू से वार किया गया, जिसके बाद पास के लीलावती अस्पताल में उनकी पांच घंटे तक सर्जरी की गई। डॉक्टरों ने कहा था कि वह ठीक हो रहे हैं। फकीर को रविवार को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। एक अधिकारी ने रविवार को कहा कि पुलिस खान के आवास पर आरोपियों के साथ अपराध स्थल के सीन फिर से रीक्रिएट सकती है।