बायोपिक्स के इस दौर में अब एक और बायोपिक ड्रामा फिल्म की घोषणा की गई है। यह बायोपिक है पंजाब के रोबिन हुड कहे जाने वाले जगत सिंह विर्क यानी जग्गा जाट या जग्गा डाकू की। आदमी एक लेकिन नाम अनेक। और हर नाम है उसके काम के मुताबिक। जग्गा की जिंदगी की शुरुआत तो हर आम आदमी की तरह ही हुई थी लेकिन बहुत ही जल्द वह अपने आसपास होने वाली घटनाओं से परेशान होकर बागी बन जाता है। फिर लोग जगत सिंह विर्क को जग्गा डाकू के नाम से जानने लगते हैं।
पंजाब में तो जग्गा की जिंदगी से सब वाकिफ हैं लेकिन देश के बाकी हिस्सों में जग्गा को कम ही लोग जानते होंगे। लेकिन, अब जग्गा की जिंदगी की छोटी छोटी बारीकियां बड़े पर्दे पर दिखाई देने वाली हैं। वह भी जग्गा के परपोते कुलदीप के नजरिए से। जग्गा के चाहने वाले तो उसे जग्गा जाट और जगत सिंह विर्क के नाम से जानते हैं लेकिन जिन लोगों के लिए जग्गा बुरा काम करता था, वह लोग जग्गा को जग्गा को डाकू मानते थे। जग्गा को रोबिन हुड इसलिए कहा जाता था क्योंकि वह अमीरों से धन लूटता था और गरीबों में उस धन को बांट देता था।