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भूल तो नहीं गए फिल्मों के पहले डांस गुरु को?

Thu, 01 Aug 2013 02:06 PM IST
रवि बुले
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हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की समस्या है कि वह उन्हें याद नहीं करती जिन्होंने उसे बनाने में अपना जीवन कुर्बान कर दिया। सिनेमा से लेकर टीवी तक भले ही आज डांस की धूम हो, लेकिन बॉलीवुड के पहले डांसिंग सुपरस्टार भगवान दादा की किसी को याद नहीं।
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फरवरी 2002 में भगवान दादा ने 89 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ने पर दादर की एक चाल में जब दम तोड़ा था, तो उनके पास कोई नहीं था। आर्थिक रूप से वे टूट चुके थे। एक अगस्त को भगवान दादा की जन्मशती है।

बीती सदी के चालीस और पचास के दशक में भगवान दादा ने खूब धूम मचाई थी। उनकी कमर का लोच और ठुमके वाला नाच देखने के लिए दर्शक सिनेमाघरों में पहुंचते थे और पैसे लुटाते थे। वह भगवान दादा ही थे जिन्होंने गोविंदा आला रे... पर सबसे पहले डांस किया। एक हाथ कमर पर और दूसरा हवा में लहराते हुए आगे-पीछे होकर सहज भाव से नाचने का उनका अंदाज लोगों को बहुत प्रिय था।
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सुपरस्टार अमिताभ बच्चन ने इस अंदाज को अपनाया और बाद में यही आगे चल कर बच्चन स्टाइल कहलाया। खुद अमिताभ ने स्वीकार किया है कि अपने लंबे पैरों के कारण उन्हें डांस करना मुश्किल लगता था। वह कहते हैं- भगवान दादा को उनके खास अंदाज में डांस करते देखने के बाद ही मैंने फैसला किया था कि मैं उन्हीं की तरह डांस करूंगा। भगवान दादा के नाच के अंदाज पर ऋषि कपूर, मिथुन चक्रवर्ती और गोविंदा ने भी समय-समय पर ठुमके लगाए।

भगवान दादा अपने जमाने में कॉमेडी के किंग थे। वे निर्माता-निर्देशक भी थे। वे कम बजट की फिल्में बनाने में माहिर थे। फिल्मों की कॉस्ट्यूम से लेकर यूनिट के खाने-पीने तक का इंतजाम खुद देखते थे। उन्होंने जलन, दो मतवाले, बहादुर, भोले-भाले से लेकर अपनी सबसे कामयाब फिल्म अलबेला तक कई सफल फिल्में दीं। शोला जो भड़के दिल मेरा धड़के और भोली सूरत दिल के खोटे नाम बड़े और दर्शन छोटे... जैसे गीतों में वह अमर हैं।


एक मिल मजदूर की संतान भगवान दादा की फिल्मों में कथावस्तु आमतौर पर एक ही होती थी। सीधा-सरल नायक जो जीवन के लिए हंसते-मुस्कराते संघर्ष कर रहा है। लेकिन प्रस्तुतिकरण हर बार नया होता था। अलबेला (१९५१) ने टिकट खिड़की पर कई रिकॉर्ड तोड़े थे। इस फिल्म ने हिंदी में कामयाब कॉमेडी फिल्मों की नींव रखी। राज कपूर-नर्गिस की आवारा के साथ अलबेला प्रदर्शित हुई थी और आवारा के मुकाबले अलबेला ने सिल्वर जुबली मनाई थी।

फिल्म में गीता बाली (शम्मी कपूर की पत्नी) उनके साथ थी। खास बात यह कि राज कपूर की सलाह पर ही भगवान दादा ने अलबेला बनाई थी। साधारण कथानक के बावजूद उनकी कामयाबी का राज क्या है, यह समझने के लिए वी शांताराम जैसे निर्देशक दर्शकों के बीच बैठकर अलबेला देखने गए थे।भगवान आभाजी पालव ने मूक फिल्मों के दौर से अभिनय की शुरुआत की थी। उनकी पहली फिल्म थी, क्रिमिनल। कॉमेडी के साथ उन्होंने एक्शन फिल्मों में भी काम किया।

कुश्ती उनका शौक थी। हिंदी फिल्मों की क्रूरतम सास ललिता पवार का चेहरा आपको याद ही होगा। वह फिल्मों में हीरोइन हुआ करती थीं। लेकिन १९४२ में एक फिल्म का सीन शूट करते हुए भगवान दादा का थप्पड़ उनके चेहरे पर इतनी जोर से पड़ा कि उनकी बाईं आंख की नस फट गई और आधे चेहरे पर लकवा लग गया। ललिता पवार ने बहुत इलाज कराया, लेकिन उनकी आंख और आधा चेहरा हमेशा के लिए खराब हो गया। तीन साल बाद ठीक होकर वह पर्दे पर लौटीं जरूर, लेकिन फिर हीरोइन नहीं बन सकीं।

१९४२ में भगवान दादा ने जागृति पिक्चर्स की नींव रखी और निर्माता बने। चेंबूर में स्टूडियो खरीदा। एक समय उनके पास सात कारें थीं। हर दिन के लिए एक। जुहू में समुद्र किनारे २५ कमरों का बंगला था। भगवान दादा ने हिंदी और मराठी की करीब ४०० फिल्मों में काम किया। फिल्म निर्माण में अपना सब कुछ गंवाने के बाद जब वे चाल में रहने लगे तो कुछ फिल्मों में उन्हें ऐसे एक्स्ट्रा रोल मिले कि कोई पहचान तक न सके।

आखिरी दिनों में उनका फिल्मों से मोह भंग हो गया और उन्होंने मीडिया से भी बात नहीं की। यह फिल्म इंडस्ट्री और फिल्म प्रेमियों का दुर्भाग्य है कि भगवान दादा की बनाई-निर्देशित की ४८ फिल्मों में से आज सिर्फ दो (अलबेला और भागमभाग) ही मिलती हैं क्योंकि बाकी फिल्मों के नेगेटिव एक भीषण अग्निदुर्घटना में जलकर नष्ट हो चुके हैं।


निरंजन पटवर्द्घन बनाएंगे फिल्म

निर्देशक निरंजन पटवर्द्धन -अलबेला- नाम से भगवान दादा के जीवन पर फिल्म बना रहे हैं। निरंजन चांदनी बार, ट्रेफिक सिग्नल और हीरोइन जैसी फिल्मों में मधुर भंडारकर के मुख्य सहायक रहे हैं। पिछले साल उन्होंने यह फिल्म के मराठी में लॉन्च की थी।

सोशल मीडिया में इसके जोरदार स्वागत के बाद से वे इसे हिंदी में भी बना रहे हैं। भगवान दादा के जन्मशती वर्ष में वह इस फिल्म को रिलीज करेंगे। भगवाना दादा हिंदी फिल्मों के पहले अभिनेता हैं जिनकी जीवनी बड़े पर्दे पर नजर आएगी।
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