रणवीर सिंह और फरहान अख्तर
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'धुरंधर' की सफलता से जोड़ा बैन मामला
अपनी पोस्ट में रामगोपाल वर्मा ‘धुरंधर’ फिल्म से भी इस बैन मामले को जोड़ते हैं। वह ट्वीट में लिखते हैं, ‘FWICE न तो कोई कानूनी अदालत है और न ही सरकार की बनाई कोई रेगुलेटरी कमेटी। इसे ज्यादा से ज्यादा एक कंगारू कोर्ट कहा जा सकता है, जो न्याय देने का दिखावा करती है, लेकिन असल में वह पहले से मौजूद कानूनी नियमों, उचित प्रक्रिया और निष्पक्षता की पूरी तरह अनदेखी करती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इसका फैसला अक्सर पहले से ही कुछ खास एजेंडा रखने वाले लोगों का एक ग्रुप निजी तौर पर कर लेता है। इस ग्रुप में वे एक्टर्स भी शामिल होते हैं जो रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ की जबरदस्त सफलता से बुरी तरह डरे हुए हैं।’
आगे भी पोस्ट में रामगोपाल वर्मा ने FWICE को लेकर कई सवाल खड़े किए। सोशल मीडिया यूजर्स को भी डायरेक्टर रामगोपाल वर्मा की कही बातें सही लगीं।
बड़े एक्टर्स ही थिएटर में टिकट बिकवाते हैं
आगे पोस्ट में रामगोपाल वर्मा लिखते हैं, ‘रणवीर सिंह जैसे स्टार ही थिएटर में टिकट बिकवाते हैं, न कि FWICE। रणवीर जैसे एक्टर्स ही लाखों मजदूरों के लिए रोजगार पैदा करते हैं। इन स्टार्स की वजह से ही यह इंडस्ट्री चल रही है और FWICE जैसी संस्था भी मौजूद है। इसलिए मेरी यह बिन मांगी सलाह है कि आइए हम दो पक्षों के बीच चल रहे विवाद में अपनी नाक न अड़ाएं।’