फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

‘क्या करूं? मेरे पास पैसे नहीं हैं..’, आत्मसमर्पण करने से पहले राजपाल का भावुक बयान; बोले- यहां कोई दोस्त नहीं

Tue, 10 Feb 2026 09:36 AM IST
पूनम कंडारी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: पिछले दिनों चेक बाउंस मामले में बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव ने नई दिल्ली में तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया है। आत्मसमर्पण से पहले वह काफी भावुक थे। इस दौरान उन्होंने अपनी व्यथा को साझा किया। 

विज्ञापन
राजपाल यादव - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बॉलीवुड फिल्मों में अपनी कॉमेडी से दर्शकों को हंसाने वाले राजपाल यादव पर इन दिनों मुश्किलों का पहाड़ टूट पड़ा है। कुछ वक्त पहले एक चेक बाउंस मामले को लेकर उन्होंने तिहाड़ जेल में सरेंडर किया है। सरेंडर करने से पहले राजपाल यादव ने क्या कहा? क्यों वह बहुत भावुक नजर आए, जानिए? 

विज्ञापन


राजपाल बोले- अकेले ही मुश्किल से निपटना होगा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार राजपाल यादव सरेंडर करने से पहले काफी दुखी, भावुक थे। न्यूज एक्स को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, ‘क्या करूं? मेरे पास पैसे नहीं हैं। और कोई रास्ता नहीं दिखता। यहां हम सब अकेले हैं। कोई दोस्त नहीं है। मुझे इस मुश्किल से अकेले ही निपटना होगा।’ इस तरह राजपाल यादव ने अपनी परेशानी मीडिया के सामने साझा की है।

ये खबर भी पढ़ें: पांच करोड़ का कर्ज, छह महीने की जेल और अब आत्मसमर्पण; क्या है राजपाल यादव का चेक बाउंस केस? यहां समझिए 
विज्ञापन


इस वजह से करना पड़ा सरेंडर?
2 फरवरी को राजपाल यादव को यह निर्देश दिया गया था कि वह सरेंडर करें। अभिनेता के वकील ने कोर्ट को बताया था कि एक्टर ने 50 लाख रुपये का इंतजाम कर लिया है और भुगतान करने के लिए एक हफ्ते का और समय मांगा था। हालांकि, जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने सरेंडर करने के लिए समय बढ़ाने की राजपाल यादव की अर्जी खारिज कर दी। फिर बीते गुरुवार को अभिनेता ने तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया।

विज्ञापन

राजपाल यादव - फोटो : एक्स (ट्विटर)
क्या है चेक बाउंस का मामला?
राजपाल यादव ने एक कंपनी मेसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से लगभग 5 करोड़ रुपये उधार लिए थे। कंपनी का कहना है कि राजपाल यादव ने पैसे लौटाने के लिए कई चेक दिए, लेकिन वे सब बाउंस हो गए। कंपनी (M/s मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड) ने राजपाल यादव पर चेक बाउंस का केस किया था। ये चेक फिल्म प्रोडक्शन के लिए दिए गए थे, लेकिन पैसे नहीं मिले।
निचली अदालत ने राजपाल यादव को दोषी ठहराया और 6 महीने की जेल की सजा सुनाई। हाई कोर्ट ने पहले उनकी सजा को कुछ समय के लिए रोक दिया था, लेकिन शर्त रखी थी कि वे कंपनी को पैसे चुकाएंगे। कोर्ट में कई बार वादा किया गया, लेकिन राजपाल यादव ने बार-बार पैसे नहीं चुकाए। कोर्ट ने कहा कि उनका व्यवहार बहुत गलत है और वे कोर्ट के भरोसे को तोड़ रहे हैं।  

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें