राजकुमार राव और पत्रलेखा
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हमेशा बेटी के साथ रहना चाहता हूं
राजकुमार राव ने अब अपनी फिल्मों के चयन के पीछे भी बेटी को एक प्रमुख कारण बताया। फिल्मों को चुनने के पीछे भी उनका यही नजरिया है कि बड़ी होकर उनकी बेटी उन्हें कैसे देखेगी। एक्टर ने कहा कि जितना भी समय मुझे मिलता है, मैं उसे देना चाहता हूं। उसके जन्म के बाद मैंने पांच महीने का ब्रेक लिया था।
फिर मैं 'दादा' की शूटिंग के लिए वापस आया। पांच महीने बाद उसे अकेला छोड़कर शूटिंग पर जाना मेरे लिए एक अजीब सा अनुभव था। यह बहुत मुश्किल था। मैं उसके साथ चौबीसों घंटे रहना चाहता हूं। मैं बस उसे एक दिन एक खूबसूरत लड़की बनते देखना चाहता हूं।
साल में सिर्फ दो फिल्में करने की करूंगा कोशिश
अपने अंदर आए बदलावों के बारे में बात करें तो राजकुमार खुद को पहले से ज्यादा संवेदनशील महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि मैं अब जीवन में पहले से भी ज्यादा नरम हो गया हूं। मैंने अब फैसला कर लिया है कि मैं पहले की तुलना में बहुत कम काम करूंगा। मैं साल में सिर्फ दो फिल्में करने की कोशिश करूंगा। अब मैं फिल्मों के चुनाव को लेकर बहुत सावधान रहता हूं। मैं बस खुद को आगे बढ़ाना चाहता हूं और पार्वती, अपनी मां और पत्रलेखा को गर्व महसूस कराना चाहता हूं।